दिल्ली से पैदल बिहार जाते प्रवासी मजदूर।
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औड़िहार। देश के विभिन्न महानगरों से राजमार्ग के सहारे आने वाले प्रवासी मजदूरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उनके पास न खाने को दाना है न जेब में पैसा, रात-दिन पैदल चलकर आने वाले ऐसे श्रमिकों से बात करने पर उनकी आंखों से आंसू छलक जा रहे हैं। तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा आदि अन्य प्रदेशों से पैदल आ रहे मजदूर रास्ते में उदारता दिखाने वाले लोगों, स्वयंसेवी संगठनों की प्रशंसा करते भी नहीं थक रहे हैं। तेलंगाना से कुछ दूर ट्रक से लिफ्ट पाने के बाद मध्य प्रदेश से पैदल चलकर सातवें दिन सैदपुर पहुंचे राजू पांडेय, अरविंद मिश्रा, विनय, प्रद्युम्न आदि को अभी चंदौली के रास्ते कैमूर बिहार तक का सफर तय करना है। ये लोग़ कहते हैं कि पैर पैदल चलते-चलते जवाब दे रहा है लेकिन हिम्मत नहीं हारे हैं। चल दिए हैं तो मंजिल मिल ही जाएगी। अरविंद ने बताया कि कल रात से भूखा रहा। सैदपुर पहुंचने पर एक संस्था की तरफ से भोजन का पैकेट औऱ पीने का ठंडा पानी मिल जाने पर बहुत तसल्ली मिली।