सड़क जाम करते भाजपा नेता के समर्थक
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कासिमाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बरेसर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी मारपीट में घायल महिला आरती देवी ने तहरीर देकर पत्रकारों को बताया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ राजेश कुमार भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य राजकुमार सिंह झावर को फर्जी तरीके से फंसा रहे हैं।
प्रभारी चिकित्साधिकारी और उनके साथ मौजूद दूसरे चिकित्सक जब मेरा मेडिकल बना रहे थे, उस समय मेरे चोटों को वे लोग ध्यान से नहीं देख रहे थे। जब मैंने चोट दिखाते हुए उनसे इस पर रिपोर्ट बनाने को कहा तो डॉ राजेश कुमार ने गुस्से में मेरे स्टूल पर लात मार दी, जिससे मैं जमीन पर गिर गई। यही नहीं बाद में दोनों ने मेरे बाल पकड़कर घसीट कर बाहर कर दिया। इसी बीच भाजपा नेता राजकुमार सिंह झाबर पहुंच गए और बीचबचाव करते हुए डॉक्टरों से इसकी वजह पूछी।
उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि इस घायल महिला को गाजीपुर के लिए रेफर कर दिया और यह दर्द से कराह रही है। पहले इसका इलाज क्यों नहीं कर रहे हैं। इसी बात पर डॉक्टर राजकुमार सिंह से भिड़ गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित दूसरे डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली गई तो पुलिस ने मुझे भगा दिया।
जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता राजकुमार सिंह झाबर की पत्नी मुन्नी देवी ने विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। शनिवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे भारी संख्या में पुलिस घर में घुस गई। पुलिस ने किचन का सारा सामान बाहर फेंक दिया। पति राजकुमार सिंह को गिरफ्तार करने से पहले मुझे और मेरे पति को पीटा। साथ ही पति के चार मोबाइल, गले की चेन और मेरे कान के कुंडल आदि छीन लिए।
मुन्नी देवी ने आरोप लगाया कि पति के बढ़ते प्रभाव से भाजपा के ही कुछ नेता काफी खार खाए हैं। उन्होंने एमएलसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सारा उत्पीड़न उन्हीं के इशारे पर किया जा रहा है। पति के साथ यहां की जनता खड़ी है। जनता के विश्वास से मैं इस विपत्ति को भी झेल लूंगी। उन्हाेंने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि जो पुलिसकर्मी मोबाइल और गले और कान के गहने ले गए हैं उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई करें और सामान वापस कराएं।
डॉक्टर पर हमले के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया धरना
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद की एएनएम, आशा कर्मियों के साथ अस्पताल के महिला कर्मियों एवं कर्मचारियों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को अस्पताल परिसर में धरना दिया। धरने में शामिल कर्मचारियों का आरोप था कि कोतवाली से बिल्कुल सटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। इसके बाद भी हमारे प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ सात आठ लोग आकर मारपीट कर आराम से चले जाते हैं। जब तक इन लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक कार्य बहिष्कार और धरना जारी रहेगा।