गाजीपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आदिवासी लोकनायक बिरसा मंडा की जयंती बुधवार को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई गई। लंका मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि बिरसा मुंडा और उनके समर्थकों ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। राज्यपाल ने कहा कि जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा जीवन भर संघर्ष करते रहे। आजादी के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले बिरसा मुंडा ने उलगुलान क्रांति का आह्वान किया था। उनकी गौरव गाथा युगों-युगों तक प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने जनपद के ऐसे अनुसूचित जनजाति के युवाओं को मेडल और अंगवत्रम देकर सम्मानित किया, जिहोंने शिक्षा, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में स्थान प्राप्त कर नाम रोशन किया। कार्यक्रम को गोंड़ महासभा तथा अनूसूचित जन जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गोड़, कार्यक्रम के संयोजक विनोद खरवार ने स्वागत संबोधन किया। अध्यक्षता कमलेश गोड़ ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा सुनील सिंह, जिला प्रभारी अशोक मिश्र, भाजपा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा, जिला महामंत्री ओमप्रकाश राय आदि मौजूद थे। वहीं, विकास भवन सभागार में परियोजना निदेशक राजेश यादव के अध्यक्षता में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। इसी तरह भुडकुड़ा कोतवाली क्षेत्र के सिसवार बनवासी बस्ती में बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि छांगुर प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिरसा मुंडा के बलिदान को कभी नहीं भुला पाएंगे। इस मौके पर मुन्नीलाल बनवासी, रामदुलार राम, विनोद, रामलाल राम, दशरथ भारती आदि थे। अध्यक्षता चंद्रमा बनवासी और संचालन मुनीलाल बनवासी ने किया।