सेवराई (गाजीपुर)। आरपीएफ के दो जवानों की हत्या बिहार के शराब तस्करों ने चलती ट्रेन में शराब तस्करों ने की थी। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, भाग रहा एक बदमाश पुलिस ने मुठभेड़ में घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है। हालांकि अभी और भी आरोपियों का नाम सामने आ रहा है, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
20 अगस्त की सुबह आठ बजे के करीब देवकली और बकैनिया गांव के पास ट्रैक किनारे पीडीडीयू पोस्ट आरपीएफ में तैनात जवान जावेद खान और प्रदीप कुमार का शव मिला था। दोनों बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस से मोकामा ट्रेनिंग के लिए रवाना हुए थे। पोस्टमार्टम जांच के बाद गहमर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
मामले में गाजीपुर पुलिस स्वाट टीम/सर्विलांस टीम, एसटीएफ नोएडा इकाई गौतमबुद्ध नगर/जीआरपी पीडीडीयू द्वारा संयुक्त टीमें जांच में लगाई गईं। जांच में विनय कुमार निवासी वार्ड नंबर 1 खगौल रोड नियर बिस्कुट फैक्टरी विकास कालोनी फुलवारी शरीफ पटना बिहार, प्रेमचंद्र कुमार वर्मा निवासी भगवतीपुर वजीतपुर बिहार, पंकज कुमार गिरी निवासी मकान नंबर नंबर 88/B निउरा कालोनी बीनापुर खमखगौल दानापुर बिहार और विलेंद्र कुमार चौधरी निवासी उसरी बाजार शाह पटना बिहार का नाम प्रकाश में आया।
चारों आरोपियों को पुलिस ने 26 अगस्त को गिरफ्तार किया। एसपी डॉ. ईरज राज ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक/विवेचक अशोक मिश्रा की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी प्रेमचंद कुमार ने मृतक आरपीएफ जवान प्रमोद और जावेद के गायब मोबाइल और पर्स घटनास्थल पर फेंकने की बात कही। जिसपर पुलिस घटना स्थल पर मंगलवार की सुबह उसे ले गई। वो रेलवे ट्रैक पर उस स्थान पर पहुंचा जहां पर आरपीएफ जवान प्रमोद का शव मिला था।
उप निरीक्षक की पिस्टल छीनकर करने लगा फायरिंग
पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रेमचंद के बताने के अनुसार झाड़ियों में एक पर्स मिला, जो जावेद का था। इसी बीच उप निरीक्षक सुरेश मौर्य को धक्का देकर प्रेमचंद उनकी सरकारी पिस्टल छीनकर फायर करते हुए ट्रैक से नीचे झाड़ियों की तरफ भागने लगा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्राथमिक उपचार स्थानीय सीएचसी पर कराने के बाद आरोपी को जिला अस्पताल ले गई।