ऊंचाडीह स्थिति नागेश्वर नाथ मंदिर पर कथा सुनाते गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी।
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क्षेत्र के ऊंचाडीह स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर पर चातुर्मास पर महान संत गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी ने बताया की कलियुग में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य को पुष्ट करने वाली कोई कथा है, तो वह है भागवत महापुराण। भगवान के अवतारों का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के 24 प्रमुख अवतार है। हम सब मरने वाले मनुष्यों को अपने आचरण व्यवहार द्वारा शिक्षा देने के लिए ही भगवान का धरती पर अवतार होता है। संतों को दर्शन देने एवं दर्शन करने के लिए भगवान आते हैं। संत का, मंत्र का, यंत्र का एवं भगवान का कभी परीक्षण नहीं करना चाहिए। कभी भी अपने मर्यादा को नहीं छोड़ना चाहिए। कुंती ने मर्यादा का पालन नहीं किया कुवांरेपन में ही मंत्र का प्रयोग किया, परिणाम कर्ण जैसा पुत्र हुआ। व्यक्ति को हर हाल में अपनी मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। मर्यादा से ही मनुष्य की शोभा है।