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जिले को बजट में नहीं मिली कोई सौगात, लोगों का मायूसी

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बजट आने के बाद बजट के बारे में बातचीत करते कर्मचारी। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर/जमानिया। केंद्रीय बजट में सरकार की ओर से जिले के विकास के लिए कुछ भी घोषणा नहीं होने से जिलावासी मायूस हुए। उन्हें उम्मीद थी कि जिले के लिए केंद्र के बजट में कुछ न कुछ तो मिलेगा। बजट शुरू होते ही लोग घरों में और बाहर दुकानों में टीवी सेट से चिपके रहे। महिलाएं भी घरों में कामकाज निबटा कर बजट सुनती रहीं। जबकि चट्टी चौराहों पर भी लोग मोबाइल और सोशल मीडिया पर बजट का प्रसारण देखते रहे। जिले को कोई सौगात नहीं मिलने पर उन्हें बजट पेश कर रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश भाषण में सभी अपने फायदे कि बात खोजने में लगे रहे थे। किसी एलान से किसान खुश हुए तो कुछ शिक्षक स्कूली बच्चे। कुछ को तो मायूसी ही हाथ लगी। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में किसानों को उनकी लागत से डेढ़ गुना ज्यादा देने का प्रयास और रेलवे के क्षेत्र में बड़ी सौगात देने की घोषणा की। वही पुराने तथा प्रदूषण फैला रहे वाहनों को हटाने के लिए बहुप्रतीक्षित स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति की घोषणा की। इसके साथ ही देशभर में 100 नए सैनिक स्कूल और 15 हजार आदर्श स्कूल बनाए जाने कि घोषणा की। इससे लोगों में खासी खुशी दिखाई दी। पंकज यादव ने कहा कि बजट में विदेशों से आए मोबाइल फोन महंगे हो जाएंगे, जिससे लोगों को अधिक जेब खाली होेगी। सरवत जहां स्वास्थ्य व आधारभूत संरचना के क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। इस बजट को उन्होंने औसत दर्जा दिया। धनंजय मौर्या इस बजट में सबसे राहत वाली बात आयकर के स्लैब में कोई बदलाव को बताया और संतुष्टि जाहिर की। अनिल यादव ने कहा कि धनंजय भाई बजट में कुछ विशेष नहीं है। तब-तक अनिल यादव ने कहा कि सरकार आमजनों को छलने का काम कर रही है। उधर, शहर में बजट को आपस में लोग चर्चा करते रहे। चाय-पान की दुकानों पर कोई बजट को बेहतर तो कोई कमजोर बताता रहा। जहां लोगों ने बजट का स्वागत किया तो वही कही इसका विरोध भी किया गया। कई जगह तो बजट को लेकर लोगों में तू-तू मैं मैं की भी नौबत आ गई।
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