संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। उसरी चट्टी कांड से जुड़े मामला 22 वर्ष फिर से गरमा गया है। इस मामले में वादी मुख्तार अंसारी सहित उनके करीबियों पर दर्ज मुकदमें में शामिल दो आरोपियों की जमानत पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार संजय कुमार यादव प्रथम ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
14 जुलाई 2001 में उसरी चट्टी हत्याकांड हुआ था, जिसमें मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि हमलावरों की तरफ से मनोज राय, मुख्तार अंसारी के गनर और एक और व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के 22 वर्ष बाद 20 जनवरी 2023 को इस हत्याकांड में मारे गए मनोज राय के पिता शैलेंद्र कुमार राय ने मुख्तार अंसारी, सुरेंद्र शर्मा, शाहिद, गौस, मोहनुद्दीन, कमाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
मनोज राय के पिता ने अपने मुकदमे में विलंब होने का कारण स्पष्ट किया था कि मुख्तार अंसारी धमकी की वजह से वह पहले मुकदमा दर्ज नहीं करा पाया था। विवेचना के दौरान जफर उर्फ चंदा और सरफराज उर्फ मुन्नी का नाम भी सामने आया, जिनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
सुरेंद्र शर्मा, शाहिद और गौस, मोहनुद्दीन की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से रोक लगा दी गई है। जबकि मुख्तार अंसारी बांदा जेल में ही हैं। जफर उर्फ चंदा और सरफराज उर्फ मुन्नी की जमानत अर्जी न्यायालय में दाखिल की गई थी, जिसपर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। मौजूदा समय में दोनों जेल में बंद हैं।