गाजीपुर/सेवराई। आशाओं के आवासीय प्रशिक्षण को लेकर उपजा विवाद सोमवार को धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गया। प्रशिक्षण के दौरान आशाओं ने भदौरा सीएचसी प्रभारी पर आरोप लगाया था कि गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके बाद आशा कार्यकर्ता को नोटिस जारी किया गया था। ऐसे ही दूसरा आरोप था कि पांच दिन का प्रशिक्षण आवासीय सुविधाओं के साथ नहीं दिया जा रहा है और भुगतान भी लंबित है। इस मामले में सीएमओ ने संज्ञान लेकर वार्ताकर समस्या का समाधान कराने को कहा था, लेकिन मामला तूल पकड़ता गया। ऐसे में तहसील की करीब 200 अशाओं ने स्थानीय सीएचसी पर प्रदर्शन किया।
हालांकि, कुछ आशाओं ने प्रदर्शन में शामिल होने से इंकार भी किया। बावजूद इसके एक दिवससीय प्रदर्शन हुआ। आशा एवं आशा संगिनी संघ के संरक्षक धनंजय तिवारी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर 200 आशाओं ने प्रदर्शन का समर्थन किया। यहां कुल 249 आशाएं कार्यरत हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने एक महीने में प्रशिक्षण का लंबित भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिलने का आरोप लगाने वाली आशा के खिलाफ जारी नोटिस को वापस लेने को कहा। इधर, आशाओं के धरना को लेकर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। वहां काफी हो-हल्ला मचा लेकिन शाम तक धरना समाप्त करा लिया गया।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. धनंजय आनंद ने कहा कि आशाओं के मानदेय का भुगतान करा दिया गया है। इससे पूर्व में भी बात विचार कर आपसी सामंजस्य बना दिया गया था।