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Ghazipur News: सायरन बजते ही दो मिनट के अंदर सभी चले जाते हैं बंकर में

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गाजीपुर। इस्राइल में युद्ध चल रहा है। इसके चलते जनपद के कई लोग जिनके अपने इस्राइल काम करने गए हैं वे चिंतित और परेशान हैं। कामगारों ने बताया कि उनकी कंपनी ने युद्ध को देखते हुए तीन दिन की छुट्टी कर दी है। साथ ही सतर्कता के लिए बिल्डिंग के नीचे बंकर बनाए गए हैं। अटैक की संभावना होते ही सायरन बजता है, दो मिनट के अंदर सभी लोग बंकर में चले जाते हैं। जनपद से बड़ी संख्या में लोग इस्राइल में जाकर मजदूरी कर रहे हैं। इस समय सेवा योजन विभाग के पोर्टल पर भी दो हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि पहले आओ पहले पाओ की व्यवस्था होने के कारण कितने लोगों को जाने का मौका मिलेगा यह स्पष्ट नहीं है। वहीं, पहले से ही इस्राइल में मजदूरी कर रहे लोग के परिजन वहां हो रहे लगातार हमलों और धमाकों की खबरें सुनकर अपनों की सुरक्षा को लेकर दहशत में हैं। फोन कर उनकी खैर-खबर ले रहे हैं। इस्राइल गए भारतीय भी खुद के सुरक्षित होने की खबर देते रह रहे हैं। उनका कहना है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इन दिनों छुट्टी तीन दिन की दी गई, लेकिन यही स्थिति रही तो वहां की सरकार भारत भेज सकती है।
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तीन बार हो चुका है हमला, बिल्डिंग से 15 किमी दूर गिरी थी मिसाइल
कामसिबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर टड़वा गांव निवासी राजेंद्र चौहान के बेटे राहुल चौहान (30) 26 जून को ही इस्राइल गए हैं। वह वहां रमना में बिल्डिंग वर्क में फीटर का काम करते हैं। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लेकिन, लड़ाई के दौरान थोड़ा सतर्क रहना पड़ रहा है। जब भी अटैक की संभावना बनती है उससे दो मिनट पहले सायरन बजता है। इसके बाद हम लोग अपने बिल्डिंग के नीचे बने बंकर में चले जाते हैं। अभी तक वह जहां रह रहे हैं वहां तीन बार हमला हुआ है। लेकिन सभी सुरक्षित है। इरान द्वारा छोड़ी गई मिसाइलों में एक मिसाइल उसके बिल्डिंग से 15 किमी दूर गिरी थी।
फोन पर अपनों ने बताया कि हम सुरक्षित हैं
भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के विजहरी चौहान बस्ती के दो लोग इस्राइल में मजदूरी करते हैं। विद्या चौहान ने बताया कि उनके पति विनोद चौहान तीन माह पहले ही इस्राइल गए हैं, रोज बातचीत होती है। बृहस्पतिवार की सुबह बात होने पर उन्होंने वहां चल रहे युद्ध के बताया। कहा कि कंपनी ने तीन दिन की छुट्टी कर दी है। हमलोग सुरक्षित हैं। जरूरत पड़ने पर बंकर में चले जाते हैं। कंपनी के लोगों ने बताया कि यही स्थिति रही तो वहां की सरकार हम लोगों को भारत भेज सकती है। इसी गांव की निवासी आशा देवी ने बताया कि उनके पति अनिल चौहान (35) डेढ़ माह पहले ही इस्राइल गए हैं। वे ट्रांसपोर्ट में गाड़ी से सब्जी उतारने का काम करते हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि हमलोगों को कोई डर नहीं है। जहां रहते हैं वहीं बंकर बना है। जब खतरा होगा तो अलार्म बजेगा। इसके बाद सभी लोग बंकर में चले जाएंगे। आशा ने बताया कि उनके दो सगे भाई सिखड़ी निवासी उमा शंकर (26) 15 दिन पहले और छविनाथ (30) डेढ़ माह पहले इस्राइल गए हैं। उनसे बात हुई है, उनका कहना है कि हमलोग सुरक्षित हैं।
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