मौधा। बिजली की दरों में इजाफा न करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का उपभोक्ताओं ने स्वागत किया है। साथ ही कोरोना काल में बिजली बिल में कटौती करने के साथ ही लाकडाउन के दौरान का बिजली बिल माफ करने की मांग भी उपभोक्ताओं ने कर दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी ने हर वर्ग के लोगों पर आर्थिक रूप से चोट पहुंचाई है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण लोगों को परिवार तक चलाना अब मुश्किल होने लगा है। ऐसे में अगर सरकार महंगाई पर नियंत्रण कर पाती है तो उन्हें काफी राहत मिल जाएगी। जबकि, कुछ लोगों का कहना है कि सरकार बिजली की दरों की वृद्धि पर रोक लगाकर यह दिखावा कर रही है कि वह जनता की सच्ची हितैषी है। उसको गरीबों की इतनी ही चिंता होती तो महंगाई कभी आसमान नहीं छू रही होती। टीटू सिंह ने कहा कि कोरोना काल में महंगाई बहुत तेजी से बढ़ी है। इससे मध्यम एवं गरीब तबके के लोग काफी परेशान हुए हैं। ऐसे में बिजली दर न बढ़ाने का सरकार का कदम वास्तव में सराहनीय है। हर्ष अग्रवाल ने कहा कि बिजली की दरों में वृद्धि को रोककर सरकार ने सराहनीय काम किया है लेकिन सरकार को अब महंगाई रोकने की दिशा में भी ठोस पहल करनी चाहिए। सौम्य प्रकाश बरनवाल ने कहा कि सरकार सबका साथ और सबका विकास के मूलमंत्र पर काम कर रही है। सबके हितों का ध्यान रखा जा रहा है।अभिषेक पांडेय ने कहा कि बिजली की दरों में कोई इजाफा न करना सरकार का स्वागत योग्य कदम है। कुछ वर्ष पहले बिजली के दाम बढ़ने से लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई थी।