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अनुश्री के प्रथम काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण

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गाजीपुर। शहर के आदर्श इंटर कालेज के सभागार में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए कवयित्री अनुश्री के प्रथम काव्य संग्रह का लोकार्पण हुआ। मुख्य अतिथि डा. विनय कुमार दुबे ने कहा कि नारी जीवन का केंद्र है। मुख्य वक्ता डा. प्रतिभा सिंह ने काव्य संग्रह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे समाज में यह धारणा है कि लड़कियां जन्म नहीं लेंगी। हमेशा लड़के के जन्म की ही कामना की जाती है, लेकिन फिर भी वो जन्म लेती हैं उनके जन्म पर सोहर नहीं गाए जाते खुशी नहीं मनाई जाती, लेकिन फिर भी वो जन्म ले लेती हैं। ठीक वैसे ही जैसे कविताएं जन्म लेती हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डा. अनिल कुमार सिंह ने कहा यह पुस्तक कवयित्री के विचारों का प्रतिफल है जिसमें इन्होंने अपना संपूर्ण दर्शन समेट दिया है। कार्यक्रम की संचालिका रश्मि शाक्य ने कहा कि अनुश्री की कविताओं का केन्द्रीय विषय स्त्री है। प्रेम में डूबी हुई एक खुद्दार स्त्री। ये कविताएं प्रेम की एक ऐसी लोरी की तरह हैं जो सम्मोहित ही नहीं करती बल्कि जगाने का काम भी करती है। रामनगीना कुशवाहा ने कहा कि प्रेम ईश्वर भक्ति का पर्याय है। प्रेम पावन है गंगा की तरह शुद्ध प्रेम में प्रेमी भी प्रेम की तरह शुद्ध हो जाता है। गजाधर शर्मा गंगेश ने कहा कि इन कविताओं के मूल में प्रेम है। कवयित्री पूजा राय ने कहा कि इन कविताओं में न केवल प्रेम है बल्कि स्त्री-पुरुष के संबंधों की पराकाष्ठा और स्त्री विमर्श की बातें हैं। इस मौके पर संजीव गुप्त, रविंद्र श्रीवास्तव, गोपाल गौरव, अमरनाथ तिवारी, कुमार प्रवीन, डा. संतन कुमार, मंजू रावत, मंजू वर्मा, सुनीता सुरभि, अनिल कुमार कुशवाहा, नवनीत आदि मौजूद थे। अध्यक्षता राजकीय बालिका इंटर कालेज की पूर्व प्रधानाचार्य डा. विमला मिश्रा ने की। धन्यवाद ज्ञापन श्वेता सिंह ने किया।
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