संवाद न्यूज एजेंसी
बारा। आस्थावानों ने परंपरा के अनुसार अपनी अकीदत-ओ-मोहब्बत के फूलों से अंजान शहीद बाबा का आस्ताना पाट दिया। चादर चढ़ाने व नजरो नियाज के लिए रविवार को सुबह से ही लंबी कतार लगी रही। सुबह से बारा गांव के मस्तानबाग स्थित बाबा के आस्ताने पर लोगों का तांता लगा तो देर शाम तक सिलसिला जारी रहा।
अंजान शहीद बाबा की मजार पर सालाना उर्स की तैयारी शनिवार की देर रात मुकम्मल कर ली गई थी। रविवार की भोर पांच बजे से ही बाबा के आस्ताने पर आस्थावानों का आगमन शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वैसे-वैसे भीड़ में वृद्धि होती गई।
दोपहर तक मजार परिसर में लंबी कतार लग गई थी। इस दौरान हाथों में आस्था की चादर, फूल व शिरनी लिए लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। लोगाें की सुरक्षा को देखते हुए आस्ताने के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
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चमचम व गुलाबजामुन की रही धूम
बारा। अंजान शहीद बाबा के उर्स के मौके पर लगी मेले में बारा के प्रसिद्ध मिठाई चमचम और गुलाबजामुन लोगों की पहली पसंद रही। इस दौरान लोगों ने चमचम व गुलाबजामुन की जमकर खरीदारी की। नजर - ओ - नियाज करने के बाद मिठाइयां लोगों में बांट दी गई।
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