गाजीपुर। दिलदारनगर पुलिस के साथ बुधवार की रात मुठभेड़ में घायल पशु तस्कर की पुलिस की अभिरक्षा में मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। वह शव लेकर बिहार चले गए। मौत के कारणों की जांच के लिए पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
उधर, विभागीय कर्मचारियों के मुताबिक गोली लगने के बाद पशु तस्कर को जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर किया गया था। लेकिन, घायल की हालत ठीक देख कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। किंतु जेल जाने के बाद पुलिस की उसी गाड़ी से करीब आधा घंटा के अंदर उसे बीएचयू के लिए भेजा गया था।
पुलिस मुठभेड़ में बिहार प्रांत के कैमूर जिला के दुर्गावती थाना क्षेत्र के निवासी सुनील कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। पुलिस उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा सेवराई ले गई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो उसे बीएचयू के लिए रेफर किया गया था। लेकिन, अभियुक्त की हालत ठीक समझते हुए पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जहां से उसे पुलिस की ही अभिरक्षा में बीएचयू उपचार के लिए भेजा गया था।
शनिवार की सुबह उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसकी खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक पशु तस्कर सुनील कुमार के खिलाफ चंदौली और गाजीपुर जनपद में कुल आठ मुकदमे दर्ज थे।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक दिलदारनगर पवन कुमार उपाध्याय के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है, जिससे मौत किस कारण से हुई की जानकारी नहीं है।
10 माह में 15 मुठभेड़, जाने किस इस वर्ष के आंकड़े
माह-घायल-गिरफ्तार
मार्च-एक-दो
अप्रैल-दो-दो
मई-एक-एक
जून-दो-दो
जुलाई-दो-तीन
अगस्त-एक-एक
अक्तूबर-दो-दो
नवंबर-दो-तीन
दिसंबर-दो-दो