गाजीपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व सांसद सरजू पांडे की जन्म शताब्दी समारोह शनिवार को कासिमाबाद में मनाई गई। इस मौके पर सर्वदलीय सभा का आयोजन हुआ जिसमें विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने सरजू पांडे के चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
इस मौके पर सरजू पांडे की राजनीतिक सहयोगी 95 वर्षीय अख्तरी बेगम भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंची। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पांडे जी हमेशा जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा दिया करते थे। उन्होंने एक बार एक बार कहा कि अख्तरी डरा मत करो जुल्म के खिलाफ आवाज उठाओ। उनकी प्रेरणा से मुझे सता रहे चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
सपा के जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि जब तक गाजीपुर का नाम लिया जाएगा तब तक पांडे जी के काम और योगदान की चर्चा होगी। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक ऋषि की सराहना की और आगे भी उन्हें हर सहयोग का आश्वासन दिया।
सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि सरजू पांडे ने किसानों और नौजवानों, गरीबों की लड़ाई लड़ी। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी शानदार भूमिका थी। उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वृजेंद्र राय ने उनके इमानदारी की चर्चा करते हुए कहा कि जब उनकी मृत्यु हुई तो उनके खाते में सिर्फ पांच हजार रुपये थे। उन्होंने राजनीतिक शुचिता की मिसाल पेश की। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सबकी सुनी और मदद की।
भारद्वाज स्मारक समिति के सचिव राम बदन सिंह ने कहा कि वह किसानों की आवाज थे। जोर जुल्म को बर्दाश्त नहीं करते थे। पूर्व प्राचार्य विजय शंकर राय ने अपने निजी संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि वो सबकी मदद करते थे। हर समय प्रेरित करते थे। कहा कि तुम विधायक बनो या न बनो लेकिन गाजीपुर की आवाज जरूर बनोगे।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यकक्ष रविकांत राय ने अपने पिता पूर्व एमएलसी विंध्याचल राय के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि पिता जी और सरजू पांडेय की गहरी मित्रता थी। हर समय साथ रहते थे। उन्होंने पिता जी की मौत के बाद कहा कि कभी अपने को अकेले मत समझना।
पूर्व विधायक अनिल अमिताभ दुबे ने कहा कि पांडे जी हमारे बाबा दल श्रृंगार दुबे के साथ जनहित के कई काम किए। वह हर समय मदद के लिए तैयार रहते थे। वह हर समय प्रेरित करते थे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रोफेसर संतोष मिश्रा ने कहा कि सरजू पांडेय और राहुल संकृत्याय के राजनीतिक योगदान और विचारों पर और काम करने की जरूरत है। वह महान लोग थे।
इस मौके परसरजू पांडेय स्मृति न्यास के अध्यक्ष और उनके पौत्र ऋषि, बड़े बेटे राजकुमार, पुत्र वधू आशा पांडे, मनोज पाठक, मनोज भारद्वाज, राजीव सिंह, सुमन पांडेय, अंगद और राजीव पांडेय समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता डा. नंदलाल पांडेय ने किया।
पूर्व सांसद सरजू पांडेय को किया नमन
गाजीपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व सांसद सरजू पांडेय की जयंती पर शनिवार को नगर के सरजू पांडेय पार्क में छात्रनेताओं ने उनकी प्रतिमा एवं चबूतरे पर साफ-सफाई कर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस अवसर पर सभी ने उनकी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि सरजू पांडेय की जयंती शताब्दी वर्ष के रूप में हम सभी मना रहे हैं। सूरज पांडेय ने अंग्रेजी दास्ता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए स्वतंत्रता आंदोलन में देश भक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर कूद पड़े थे। आजादी के बाद जमींदारी उन्मूलन एवं सामंती उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष किया। इनके पीछे उत्पीड़ित, शोषित जनता लामबंद हो गई थी। ये अपने दौर के बेमिसाल नेता रहे हैं।
छात्र नेता शशांक उपाध्याय ने कहा कि सरजू पांडेय का बेदाग चरित्र, चमकदार दामन था। सबसे बड़ी बात तो यह थी कि राजनीति को नि:स्वार्थ भाव से त्याग, तपस्या, समाजसेवा का क्षेत्र का मानते थे। अपने संघर्षों से इतना लोकप्रिय हुए कि विधायक एवं सांसद का चुनाव एक साथ ही जीत गए। उनके दिखाए मार्ग पर हम सभी युवाओं को चलना चाहिए। इस मौके पर छात्र नेता अभिषेक द्विवेदी, शिवम उपाध्याय, सुधांशु तिवारी, ओम दूबे, गोलू पांडेय, शैलेश यादव, शुभम सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद