आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन नियम एवं कानूनों में संशोधन कर दिया है। इसके तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अब आयु एवं निवास का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से देना होगा। इसके अलावा किसी मतदाता का नाम काटने के लिए फार्म सात में एक कालम अलग से बढ़ा दिया गया है। इस कालम में नाम काटने के कारणों का पूरा उल्लेख करना होगा।
इसी प्रकार एक विधानसभा से दूसरे विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भरे जाने वाले फार्म ‘आठ क’ को समाप्त करके इसे फार्म आठ में ही समाहित कर दिया गया है। इसके अलावा सभी मतदाताओं के आधार कार्ड भी लिंक किए जा रहे हैं। अब नए मतदाताओं को फार्म छह-बी में ही अपने आधार नंबर का अनिवार्य रूप से उल्लेख करना होगा। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अब निवास एवं आयु प्रमाण पत्र की फोटो कापी अनिवार्य रूप से देनी होगी। जबकि अब तक फार्म छह भरने मात्र से मतदाता सूची में नाम दर्ज हो जाता था। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सैदपुर ओमप्रकाश ने बताया कि निर्वाचन आयोग के नए निर्देशों के अनुपालन में नए नियमों के तहत मतदाता सूची में संशोधन कराया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने आवश्यक गाइड लाइन जारी कर दी है।
मतदाता सूची भी आधार कार्ड से होगी लिंक
मौधा। सैदपुर के उपजिलाधिकारी ओमप्रकाश ने आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सैदपुर तहसील के सभागार में 26 से 28 जुलाई तक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला के दौरान सैदपुर तहसील क्षेत्र के 426 बीएलओ, 40 सुपरवाइजर और सात सहायक निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कहा कि आधार से मतदाता सूची के लिंक होने से मतदाताओं को बहु उद्देशीय लाभ मिलेगा।