हरकरनपुर में आयोजित श्रीराम कथा में मौजूद श्रद्धालु-संवाद
गहमर। क्षेत्र के हरकरनपुर गांव स्थित काली माता मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम दिन बृहस्पतिवार की शाम लंका दहन, रावण वध और प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक पंडित पुरुषोत्तम दास ने कहा कि माता सीता की खोज में निकले हनुमान जी को माता सीता ने अपनी व्यथा सुनाते हुए श्रीराम से शीघ्र लंका पहुंचकर उन्हें रावण के बंधन से मुक्त कराने का संदेश दिया। कथावाचक ने श्रीराम के अयोध्या आगमन और राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि 14 वर्ष के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम के लौटने पर पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजाई गई। देवताओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। श्रीराम और माता जानकी की मनोहारी छवि देखकर माताएं भावविभोर हो उठीं। कथा के यजमान सुधीर कुमार पांडेय, नीतू पांडेय, परशुराम राजभर एवं सुधा कुमारी रहे।