सैदपुर। स्थानीय तहसील बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने संपूर्ण समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अपनी 12 सूत्री मांगों से संबंधित पत्रक देकर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की और उनका ध्यान आकृष्ट कराया। इसमें उन्होंने लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों द्वारा समय से रिपोर्ट न प्रेषित करने का आरोप लगाया, जिससे बड़ी संख्या में दाखिल खारिज की पत्रावलियां लंबित हैं। कहा कि जिन गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, उन गांवों के दाखिल खारिज के मामले में भी तहसील के अधिकारी उदासीन हैं। वह तरह-तरह के टालमटोल और अवरोध उत्पन्न कर कार्यों को आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं। इसी क्रम में धारा 116 और 35 की पत्रावलियां भी समय से दर्ज नहीं की जा रही है। अधिवक्ताओं ने पत्रक में नायब तहसीलदार स्तर से पत्रावलियों को सुनकर आदेश में जानबूझ कर लंबित रखने की और उनका ध्यान आकृष्ट कराया। कहा कि अमल दरामद के मामले में व्याप्त भ्रष्टाचार से क्षेत्र की जनता परेशान है। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से इस पर अविलंब कार्रवाई करने की मांग की। पत्रक देने वाले अधिवक्ताओं में राजेश कुमार सिंह, विनीत कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह, ओमप्रकाश सिंह यादव, उमाशंकर यादव, राजेंद्र कुमार सिंह एवं पंकज शामिल थे।