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एक साथ कई परिवारों को दर्द दे गया मलमास का अंतिम दिन

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गाजीपुर-जमानिया एनएच पर ट्रक की जद में आने से तीन महिलाओं की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : GHAZIPUR
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जमानिया/मतसा। मलमास का अंतिम दिन मंझरियावासियों को कभी न भरने वाला जख्म दे गया। गांव की किेशोरी समेत तीन महिलाओं की सड़क हादसे में मौत से ग्रामीणों को खासा सदमा लगा है। मलमास का आखिरी दिन एक साथ कई परिवारों को वह दर्द दे गया जो उन्हें हमेशा सालता रहेगा। हादसे में मारे गए लोगों की गंगा मां की स्तुति और स्नान की इच्छा अधूरी रह गई। शुक्रवार को मंझरिया गांव में रह-रह कर परिजनों की सिसकियां लोगों को विचलित कर रही थीं। गांवभर में चूल्हे तक नहीं जले। गांव में शुक्रवार को चहुओर शांति थी। भोर के वक्त ज्यादातर लोग सो रहे थे, तो कुछ अधकच्ची नींद में थे। मलमास का अंतिम दिन था और गंगा मईया के दर्शन, स्तुति और स्नान के लिए महिला व पुरुषों की चहलकदमी सड़कों पर दिखाई देने लगी थी। पुण्य लाभ के लिए घर-घर से लोग गंगा घाट के लिए चल दिए थे। इसमें मंझरिया गांव से महिलाओं की टोली भी भोर में निकली थी। क्षण भर बाद उजाला होने वाला था। सूर्य के निकलने से पहले गंगा तट पर पहुंचने की जिजीविषा ने उनके कदमों की रफ्तार बढ़ा दी थी। गंगा घाट पर जाने के लिए बच्चे और युवतियां आनंदित थे। इसी बीच मंझरिया गांव से कुछ दूरी पर एनएच को पार करते समय अचानक एक अनियंत्रित ट्रक महिलाओं को कुचलते हुए सड़क किनारे मिट्टी में जाकर फंस गया। सुचना गांव पहुची तो रोना पीटना मच गया। जिसको देखों वह कालकवलित हुए लोगों के घरों की ओर दौड़ पड़ा तो कुछ घटनास्थल की ओर बदहवासी के आलम में भागे। हादसे से गांव में एक साथ कई घरों में मातम पसरा हुआ है। दर्द भरी खामोशी के बीच लोग परिजनों को ढाढस बंधा रहे हैं। हादसे ने किसी की पत्नी, किसी की बहू तो किसी की बेटी को छीन लिया।
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