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एक साथ जली चिताएं तो नम हो गई आंखें

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गाजीपुर। आजमगढ़ में बीते 23 अप्रैल की रात हुई भीषण सड़क दुर्घटना में मृत लहुरापुर के तीन लोगों की चिताएं रविवार को एक साथ श्मशान घाट पर जलीं तो सभी की आंखें नम हो गईं। इस हादसे में घायल सेना के जवान रवि पांडेय की भी रविवार की सुबह वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दुल्लहपुर टढ़वा निवासी हरिकेष वाराणसी में जीवन-मौत से जूझ रहे हैं। इस घटना से पूरा क्षेत्र मर्माहत है। आजमगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की देर रात को हादसे में मृत रामचीज सिंह, सचिदानंद सिंह, देवेश शर्मा का शव लहुरापुर एवं जनार्दन चौहान का शव भोजापुर स्थित उनके आवास पर पहुंचा। एक साथ कई शवों के गांव में पहुंचने पर पूरे गांव में कोहराम मच गया। जनार्दन चौहान के तीन लड़कों में सबसे छोटे पुत्र राजेश चौहान सेना में आसाम में कार्यरत हैं। घटना की सूचना पर वहां से देर रात घर पहुंचे। राजेश चौहान ने पिता को मुखाग्नि दी। लहुरापुर गांव निवासी रामचीज सिंह के शव को बड़े पुत्र कमलेश, देवेश शर्मा को पिता जयगोविंद शर्मा और सचिदानंद सिंह को उनके बड़े भाई के पुत्र रुदल सिंह ने मुखाग्नि दी।
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