दुल्लहपुर। रोजगार की तलाश में दुबई गए थानाक्षेत्र के जफरपुर डिहिया गांव निवासी रामबचन चौहान (40) की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह वर्ष 2017-18 में दुबई की एक कंपनी में हेल्पर की नौकरी करने गए थे। मृतक के बड़े पुत्र पवन चौहान ने बताया कि बीते 18 मई की शाम छह बजे पिता ने आखिरी बार मां से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद अचानक उनकी वीडियो कॉलिंग बंद हो गई और संपर्क टूट गया। कुछ समय बाद कंपनी की ओर से सूचना मिली कि रामबचन पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और इलाज चल रहा था। 18 मई को बाथरूम में गिरने से उनकी मौत हो गई। रामबचन को 10 जून को भारत वापसी का टिकट बुक कराया था लेकिन उससे पहले ही मौत की खबर ने परिवार को सदमे में डाल दिया। परिजन अब तक शव का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बाद भी शव गांव नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी के प्रयास से लखनऊ स्थित एंबेसी से जल्द ही शव वापसी की उम्मीद बंधी है। रामबचन चौहान के परिवार में पत्नी इस्रावती देवी, बड़ा बेटा पवन जो सोनहड़ा चट्टी पर फास्ट फूड की दुकान चलाता है। छोटा बेटा अभिषेक और एक बेटी नेहा है। परिवार अब भी बेसब्री से उस बेटे, पिता और पति के शव का इंतजार कर रहा है, जो रोज़ी-रोटी की तलाश में परदेस गया था लेकिन अब लौटकर जिंदा नहीं आ सका।