गाजीपुर। पशु पालन विभाग में अनुसूचित जाति के लिए पहली बार बकरी पालन योजना शुरू हुई है। योजना के तहत लाभार्थियों को 54 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। विशेष रूप से महिलाओं को। इसीलिए योजना में विधवा व निराश्रित महिलाओं को वरीयता दिए जाने का प्रावधान किया गया है। आज के दौर में भी अनुसूचित जाति विकास के दौड़ में पिछड़ा हुआ है। विकास की मुख्यधारा में इस जाति को लाने के लिए सरकार की ओर से बकरी पालन योजना शुरू की गई है। यह योजना केवल अनुसूचित जाति के लिए है। योजना का उद्देश्य पशु पालन के क्षेत्र में अनुसूचित जाति की भागीदारी को बढ़ावा देना है। सफल पशु पालक के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले लोगों को देखकर इस वर्ग के अन्य लोगों का रुझान भी इस ओर बढ़ेगा। योजना के तहत जनपद में 5 इकाइयों की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक इकाई में एक बकरा व पांच बकरियां होंगी। योजना की कुल लागत 60 हजार रुपये हैं। लाभार्थी को 54 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा। जबकि लागत धनराशि का 10 प्रतिशत यानि 6 हजार रुपये लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। आवेदक 10 अगस्त तक अपने नजदीकी राजकीय पशु चिकित्सालय अथवा विकास भवन स्थित पशु पालन विभाग में आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में उपलब्धता के आधार पर 3 प्रतिशत दिव्यांगों को शामिल किया जाएगा। लाभार्थियों का चयन जिलास्तरीय कमेटी के माध्यम से किया जाएगा। जिले में बकरियों की संख्या 2.5 लाख है। जबकि बकरी पालक 75 हजार हैं।