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Ghazipur News: दो नावों के सहारे आठ हजार की आबादी, 16 घंटे से स्थिर हैं गंगा

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शहर के पत्थर घाट में बाढ़ के पानी में डूबी फसलें। संवाद
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गाजीपुर। बीते 16 घंटे से गंगा का जलस्तर स्थिर है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में दुश्वारियां बरकरार हैं। बाढ़ में लोगों की जिंदगी कैसे गुजर रही है, यह देखना है, तो जनपद के निचले इलाके में शामिल सेवराई तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का मंजर देखिए। वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर की 8 हजार की आबादी की दिनचर्या को पटरी पर लाने का माध्यम दो नावें बनी हैं। आपदा विभाग के विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि गंगा का जलस्तर 63.780 मीटर दर्ज किया गया। खतरा के बिंदु 63.105 मीटर से अभी भी गंगा का जलस्तर ऊपर है। उधर, नगर स्थित गंगा घाटों की अधिकांश सीढि़यां पहले की तरह जलमग्न हैं। गंगा घाटों के तस्वीर में अभी कोई बदलाव नहीं आ पाया है। भांवरकोल क्षेत्र का धर्मपुर, फिरोजपुर, पचासी बस्ती, सतर बस्ती गांव बाढ़ के पानी से अभी तक घिरा हुआ है। बाजरा, चरी, मिर्च, टमाटर, चरी, तिल आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर गांव के आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से दो नावों की व्यवस्था की गई है। नावों के माध्यम से लोग अपने जरूरी कार्यों को निपटा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आठ हजार की आबादी के लिए दो नावों का इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा है। नाव पर चढ़ने के लिए अपनी बारी आने के लिए ग्रामीणों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र में एक हजार किसानों का 1500 बीघा खेत जलमग्न है। इसमें से 700 बीघा खेत फसल वाला है। बाढ़ से सब्जी, चरी व केला की खेती को नुकसान पहुंचा है।
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