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Ghazipur News: 283 दिनों में 2.83 लाख लग चुका जुर्माना, फिर भी नवीन स्टेडियम का काम अधूरा

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गाजीपर। पुलिस लाइन के पास बन रहे नवीन स्टेडियम का निर्माण कागज में पूरा दिखा दिया गया। हैंडओवर के पहले तीन अधिकारियों की टीम ने जब स्टेडियम की जांच की तो चहारदीवारी को छोड़कर अधिकांश काम अधूरे मिले हैं। जबकि 30 नवंबर 2023 तक स्टेडियम का काम पूरा करना था। ऐसे में कार्यदायी संस्था पर एक दिसंबर से रोजाना एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है। इस तरह से कार्यदायी संस्था पर 283 दिनों में 2.83 लाख लग जुर्माना चुका है।
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गोराबाजार मोहल्ले में कई दशक पहले नेहरू स्टेडियम का निर्माण कराया गया है लेकिन मैदान छोटा होने से कई खेलों का आयोजन नहीं हो पा रहा है। इस पर सरकार ने पुलिस लाइन के पास 6.310 हेक्टेयर में नवीन स्टेडियम का निर्माण कराने का निर्णय लिया। 2018 में इसका उद्घाटन हुआ। 6.29 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम 30 नवंबर 2023 तक बनाकर हैंडओवर करना था। कार्यदायी संस्था ने कागज पर सभी काम पूरा दिखाते हुए अगस्त में हैंडओवर करने के लिए खेल कार्यालय को पत्र लिख दिया। इस पर संबंधित विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक हैरान हो गए। उन्होंने आपत्ति जताते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने जांच बैठा दी। टीम ने बीतें दिनों जांच कर रिपोर्ट सौंप दी। अधिकारियों के मुताबिक जांच टीम को बाउंड्रीवाल को छोड़ अधिकांश कार्य अधूरे मिले हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि स्टेडियम हैंडओवर होने तक कार्यदायी संस्था पर एक दिसंबर से रोजाना एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है।
ये कार्य मिले अधूरे
काऊ कैचर सही नहीं है। मैदान में बिजली से संबंधित कार्य अधूरे हैं। प्रशासनिक भवन में विद्युतीकरण, फायर फायटिंग, पैनल नहीं लगे हैं। मैदान में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी, ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था नहीं है। ट्यूबवेल पैनल और मोटर नहीं लगाई गई है। सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर सही से नहीं लगाए गए हैं। बॉस्केटवाल कोर्ट अधूरा है। पंप हाउस में केवल बोरिंग की गई है। ग्राउंड पर मिट्टी नहीं पड़ी है।
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नवीन स्टेडियम में हो रहे कार्यों की जांच कराई गई है। कार्य अधूरे मिले हैं, जिसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा जा रहा है। -संतोष कुमार वैश्य, सीडीओ
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