कासिमाबाद। पशु तस्करों की जड़ें कितने गहरे तक जमी है इसका उदाहरण कासिमाबाद थाने में देखने को मिला। तीन दिन पूर्व एक पिकप में ठूंस कर 6 गायों को भरा गया था। बहादुरगंज चौकी पर तैनात एक सिपाही ने रात्रि गश्त के दौरान पिकअप को पकड़ा और इसकी सूचना अपने चौकी प्रभारी को दी। इस कार्रवाई की वजह से सिपाही को तरह-तरह की धमकी मिली लेकिन सिपाही ने उन्हें नहीं छोड़ा। पशु तस्कर कई वर्षों से कासिमाबाद थाना क्षेत्र को अपने प्रभाव में लेकर मऊ एवं बलिया से बिहार आसानी से पहुंच जा रहे हैं। हवालात में बंद पशु तस्कर हमीद उर्फ हाजी ने स्वयं बताया कि एक दिन पूर्व ही जितनी गाड़ी बाहर जानी होती है उसका पैसा थाने में या चौकी के कारखासों तक पहुंच जाता है। उधर पकड़े गए तीन पशु तस्करों द्वारा गैंग के मुखिया और व्यापारी के नाम बताए जाने के बाद भी उनका नाम एफआईआर में नाम नहीं डाला जाना उनके पहुंच को दर्शाता है। इस संबंध में सीओ कासिमाबाद का कहना था कि अभी तक इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जानकारी हासिल कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।