दुबिहा- गाजीपुर। वर्षो से करइल के किसानों के लिए वरदान मानी जाने वाली मगई नदी अब सूखने के कगार पर पहुंच गई है। नदी सूखने से करीब 20 गांवों के किसानों के फसलों की सिंचाई करने पर संकट मंडराता दिख रहा है। सब्जी की खेती कर अपना जीवन-यापन करने वाले इस क्षेत्र के किसान इन दिनों पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। मगई नदी सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर गांव के पास से निकलती हुई जौनपुर और आजमगढ़ जिलों से होते हुए जखनिया ब्लाक के भीमपुर गांव के पास जिले में प्रवेश करती है। लगभग 90 किमी के टेढ़े-मेढ़े रास्ते को तयकर भांवरकोल ब्लाक के खान मुहम्मद गांव के पास बलिया के इंदरपुर गांव होते हुए गंगा में जाकर मिल जाती है। नदी क्षेत्र के सवना, रसूलपुर, सुखपुरा, मोहनपुरा, जकरौली, बरेजी, पहाड़ीपुर, बरेजपुर, रघुवरंगज, हाटा, मानिकपुर, खेमपुर, नसरतपुर, परसा, राजापुर, जोगा मुसाहिब, करीमुद्दीनपुर, लट्ठूडीह, गोड़उर, महेंद गांव के किसान अपने फसलों की सिंचाई मोटर पंप लगाकर आसानी से कर लेते थे। करीमुद्दीनपुर गांव निवासी किसान ओंकारनाथ राय, जगनिवास राय, संतोष कुमार राय, राजापुर गांव के किसान श्यामबहादुर राय, विनोद राय, बृजलाल यादव, राजेंद्र यादव ने बताया कि नदी जगह-जगह सूख गई है। सूखने के कगार पर पहुंच चुकी इस नदी के चलते फसलों की सिंचाई कर पाना काफी मुश्किल होता जा रहा है। वर्तमान समय में सब्जी की खेती नदी के किनारे खेती योग्य भूमि पर की गई है। सिंचाई के अभाव में जहां सब्जियों के पैदावार पर ग्रहण लगता जा रहा है। वहीं किसानों की अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए जिला स्तर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।