गाजीपुर। जिले में डेंगू प्रभावित गांवों की संख्या 89 पहुंच गई है, जबकि 40 मुहल्ले प्रभावित हैं। वहीं मरीजों की संख्या 165 पहुंच गई है। हालांकि इसमें अधिकांश मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मरीजों की बढ़ रही संख्या से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
जनपद में एक माह से डेंगू बीमारी अपना पांव पसार रही है। बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब तक 4531 संदिग्ध मरीजों की किट के माध्यम से जांच कराई तो इसमें 234 लोग संदिग्ध पाए गए। ऐसे में मलेरिया विभाग की ओर से इन सभी संदिग्धों का सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए बीएचयू भेजा गया है। यहां से आई रिपोर्ट में 136 लोग डेंगू पॉजिटिव मिले।
वहीं 29 मरीज की सूची गैर जनपदों से आई, जो जिले के रहने वाले हैं और उनका उपचार गैर जनपदों और प्रांतों में चल रहा है। हालांकि मरीज मिलने से ऐसे मरीजों को चिह्नित करने के साथ मलेरिया विभाग की टीम उनके घर पहुंचकर जहां मरीजों के परिवार में शामिल अन्य लोगों की जांच करने में जुटी हुई है। वहीं आशा कार्यकर्ता बुखार पीड़ित मरीजों की सूची बनाकर नजदीक के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करा रही है।
इधर जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित 25 बेडों में वर्तमान समय में 23 बेड खाली हैं, जबकि दो बेड पर डेंगू मरीजों को भर्ती करके उपचार कराया जा रहा है। इसके अलावा 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 60 तो निजी अस्पतालों में 32 बेड सुरक्षित किया गया है, जिससे डेंगू के मरीजों को भर्ती कर उपचार कराया जा सके। इस संबंध में सीएमओ डा. हरगोविंद सिंह ने बताया कि डेंगू पीड़ित मरीजों में अधिकांश स्वस्थ हो चुके हैं। मरीजों की निगरानी एवं प्रभावित इलाकों एवं गांवों में लार्वा रोधी दवा का छिड़काव का कार्य चल रहा है।