गाजीपुर। भले ही सरकार ने महिलाओं को आरक्षण एक तिहाई आरक्षण देने का प्रावधान कर दिया है और नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाओं का संचालन कर रही है, लेकिन अब भी जिले के 187 ग्राम पंचायतों में ही महिलाओं के अनुकूल 4338 गतिविधियां संचालित की गईं हैं। इसके अलावा 54 गांवों में स्वास्थ्य से जुड़ीं 869 गतिविधियां चलाई गईं। वहीं, 23 गांवों में सामाजिक न्याय व सुरक्षित व्यवस्था की महज 65 गतिविधियां ही आयोजित हुईं। इसके बावजूद जिम्मेदार कागजों में गांवाें को ऑल इज वेल का तमगा दे रहे हैं। जनपद में 16 विकास खंडों में 1238 ग्राम पंचायतें है। इनके समग्र विकास के लिए शासन की ओर से नौ थीमों का निर्धारण किया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि इन थीमों पर गतिविधियों का संचालन कर ग्राम पंचायतों का विकास किया जाए, लेकिन ईग्राम स्वराज पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार जिले के 404 ग्राम पंचायतों में गरीबी मुक्त आजीविका युक्त 10887 गतिविधियां संचालित हुईं। जबकि 145 ग्राम पंचायतों में बाल अनुकूलन की 387, पर्याप्त जल वाली 1141 पंचायतों में 9929 गतिविधियां संचालित हुईं। वहीं, 1238 ग्राम पंचायतों में 18883 स्वच्छ हरित, 1192 गांवों में 24871 आत्म निर्भर बुनियादी ढांचा, जबकि सुशासन गांव के रूप में 1158 गांवों में 9925 गतिविधियां संचालित हुईं।