गाजीपुर। गर्मी के मौसम में ककड़ी और खीरा की बहार बाजार में आई हुई है। गंगा रेत और उस पार इसकी खेती करने वाले किसान प्रतिदिन भोर में नाव पर ककड़ी, खीरा, लौकी आदि सब्जी लादकर इस पार आ रहे हैं और मंडी में इसकी बिक्री कर रहे हैं। बड़ी संख्या में किसानों के सामान लेकर आने से इस समय नाव वालों की भी चांदी कट रही है। गंगा किनारे रहने वाले किसान हर साल गंगा की रेत एवं किनारे बड़े क्षेत्रफल में ककड़ी, खीरा, खरबूज, नाशपाती, परवल, करैला, लौकी आदि सब्जियों की खेती करते हैं। फसल तैयार होने के बाद किसान उसे खेत से तोडने के बाद खंचिया आदि में रखकर नाव सहित अन्य साधनों इस पार शहर में आते है और मंडी में इसकी बिक्री करते है। करीब दो सप्ताह से गंगा उस पार से भोर में बड़ी संख्या में किसान ककड़ी, खीरा, नाशपाती, परवल, लौकी आदि सब्जियां पर रखकर शहर के स्टीमरघाट पर आ रहे हैं। इसके बाद, मंडी में इसकी बिक्री कर रहे हैं। स्टीमरघाट पर सुबह 6 बजे से लेकर दिन में 9 बजे तक इसकी मंडी लग रही है। इन सामानों की थोक में खरीद करने के बाद दुकानदार ठेला और दुकानों पर रखकर इसकी बिक्री कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से बाजार में ककड़ी, खीरा, खरबूज, नाशपाती की धूम मची हुई है। गले और कलेजे को ठंडक पहुंचाने के साथ ही पेट के लिए काफी मुफिद माने जाने वाले इन फलों की लोगों द्वारा जमकर खरीदारी भी की जा रही है। कलेक्टरट घाट पर भी सड़क के किनारे रखकर इन समानों की बिक्री की जा रही है। प्रतिदिन सब्जियों को लेकर बड़ी संख्या में गंगा पार से इस पार किसानों के आने से नाव वालों की चांदी कट रही है। इन समानों की मांग होने से किसानों की भी बल्ले-बल्ले है।