गाजीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी गांवों में विद्युतीकरण का एलान किया है। बावजूद इसके जिले के कई गांवों और मजरों में विद्युतीकरण का कार्य नहीं हो सका है। इससे ग्रामीण आज भी ढिबरी युग में जीने को विवश हैं। बिजली के अभाव में लोग अपने आप को सरकार की योजनाओं का लाभ न मिलने से वंचित मान कर ठगा महसूस कर रहे हैं। देवकली के कोवलर गांव के हिनौतिया, कछुआ और कुड़ी राजभर बस्ती में बिजली न दौड़ाए से 15 सौ की आबादी अंधेरे में जीवन गुजारने को विवश हैं। कुछ साधन संपन्न लोग बांस से सहारे काफी दूर से केबिल खींच कर बिजली जला रहे हैं। करंडा क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा गांव में विद्युतीकरण के नाम पर गांव के बाहर ही खंभा-तार लगा कर बिजली दौड़ाई गई है। आबादी के बीच खंभा-तार नहीं लगाया गया है। इससे तूलापट्टी के करीब तीन हजार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों को रोशन करने के लिए लोगों को छह सौ मीटर दूरी पर लगे खंभा से केबिल के लाइन जलाने को विवश होना पड़ रहा है। लोग सैकड़ों रुपये खर्च कर जगह-जगह बांस लगा कर उसके सहारे केबिल दौड़ाए हुए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। चंद्रलेश कुमार दुबे, चंद्रमोहन दुबे, छन्नू साव, नथुनी साव, लहरी साव आदि ने बताया कि लूटापट्टी में खंभा-और तार न लगाए जाने की वजह से छह सौ मीटर की दूरी से केबिल खींच कर बिजली जलाने को विवश होना पड़ रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हुए खंभा-तार लगवाने की मांग की गई, लेकिन उनकी तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को विवश होंगे।
समस्या को लेकर ग्रामीणों से बातचीत...