मतसा। हनुमंत लाल जूनियर हाईस्कूल के परिसर में सात दिवसीय संगीतमय मानस कथा का आयोजन किया गया है। दूसरे दिन शनिवार को मानस मोहिनी संध्या देवी ने कहा कि संत भगवान से बड़ा होता है। भगवान का दर्शन सुलभ है लेकिन संत का दर्शन दुर्लभ है। भक्ति की शुरुआत संत की संगत से होती है। मोह माया छोड़ संत के पास जाना चाहिए। सत्य के समान कोई धर्म नहीं। सत्य के बल पर ही यह धरती टिकी है। महापुरुषों की संगत ही जीव को सद्गति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि साधु का दर्शन भगवान के दर्शन से भी बड़ा होता है। कई गांव के लोग कथा का अमृत पान कर रहे हैं। कथा मंच का संचालन समिति के अध्यक्ष सीताराम राय ने किया।