मनिहारी। हथियाराम पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज के सानिध्य में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर औढ़ारी मठ सिखड़ी में जनकल्याण राष्ट्र उत्थान तथा पुलवामा के शहीदों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ का कार्यक्रम आयोजित है। इसके लिए शनिवार को मधुबन गांव से कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा मगई नदी पहुंची। यहां कलश में जल भरने के बाद पुन: कार्यक्रम स्थल पर वापस आई। स्वामी भवानीनंदन यति महाराज की उपस्थिति में काशी के मूर्धन्य विद्धान आचार्य सुरेश त्रिपाठी के आचार्यत्व में अरणि मंथन कर अग्नि प्रज्जवलित कर देवताओं का आह्वान कर हवन कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रवचन करते हुए सिद्धपीठ हथियाराम मठ के महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज ने यज्ञ कि महत्ता एवं उपयोगिता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। यज्ञ से जल की वर्षा होती हैं और वर्षा के जल से अन्न उत्पन्न होता है। समस्त प्राणियों को यज्ञ में सम्मिलित होने के साथ ही यज्ञ का दर्शन एवं परिक्रमा करना तथा यज्ञ का प्रसाद अवश्य ग्रहण करना चाहिए। इससे सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है।