गाजीपुर। बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में हेलमेट की भी अहम भूमिका है। जिले में पिछले एक साल के भीतर हुई सड़क दुर्घटना में मौत पर नजर डालें तो 40 फीसदी लोगों की जान हेलमेट न पहनने की वजह से गई है। इसलिए बाइक लेकर निकलने से पहले हेलमेट लगाना जरूरी है। इसके लिए कानून भी बने हैं, लेकिन कड़ाई से उसका पालन न होने और जागरूकता की कमी के कारण सबकुछ जानते हुए भी हेलमेट लगाने से लोग कतराते हैं। जिला पुलिस यातायात माह में विशेष अभियान के नाम पर केवल कोरम पूरा करने का काम करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बमुश्किल 15 से 20 फीसदी लोग ही हेलमेट का प्रयोग करते हैं। युवा वर्ग हेलमेट पहनने से पूरी तरह बचता है। आकड़ों को देखा जाए तो सड़क दुघर्टना में प्रतिमाह हेलमेट न पहनने के चलते तीन से चार मौतें होती हैं। सबकुल जानते हुए भी यातायात और जिला पुलिस को इसकी चिंता तक नहीं है। लोग यातायात नियमों को ठेंगा दिखाकर बिना हेलमेट के बाइक पर सवार दिखाई देते हैं। यही नहीं युवा वर्ग तो बाइक पर ट्रिपल राइडिंग खुलेआम करते देखा जा सकता हैं। ‘अमर उजाला’ ने इसी मुद्दे को लेकर सोमवार से अभियान शुरू किया है। ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने के लिए जिले के किसी थाना क्षेत्रों में कोई अभियान नहीं चलाया गया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर बाइक सवार बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करते हुए खुलेआम दिखाई पड़ते हैं। जब इसकी जानकारी सीओ सिटी से ली गई तो उनका साफ कहना था कि नवंबर (यातायात माह) के बाद फिलहाल अभियान नहीं चलाया गया है।