गाजीपुर। जिले में अन्य दशमोत्तर शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों में 45835 संदिग्ध डेटा सामने आए। इसमें 3733 आवेदन अपात्र मिलने और कालेजों की ओर से आख्या उपलब्ध न कराने पर उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में पिछड़े वर्ग के ऐसे छात्र-छात्राएं जो प्रदेश के निवासी हैं और जिले में शिक्षा ग्रहण कर रहे हों और उनके अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख तक हो उनको छात्रवृत्ति एवं प्रवेश शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि दी जाती है। जिले में डिग्री कॉलेजों में छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेजों ने छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों को अभिलेखों से मिलान करके आवेदनों को अग्रसारित किया था। उसके बाद राज्य एनआईसी से स्क्रूटनी की गई, तो विभिन्न कारणों से 45835 डाटा सस्पेक्ट श्रेणी में पाए गए। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गिरजाशंकर ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं से प्राप्त आख्या और अभिलेखों का मिलान करने पर 42102 डाटा सही पाए गए जिन्हें अग्रसारित कर दिया गया। शेष 3733 अपात्र पाए जाने एवं कालेजों की तरफ से आख्या उपलब्ध न कराने पर रिजेक्ट कर दिया गया।