गाजीपुर। जिले में छह महीने में विभिन्न थाना क्षेत्रों में 37 चोरी की घटनाएं हुईं। फरवरी माह में यह आंकड़ा दस रहा है, जबकि मई माह में दो चोरी की घटनाएं हुई हैं। इनमें मुश्किल से एक या दो चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है, अन्य मामले विवेचना और छानबीन में अटके है। जनवरी से लेकर जून तक के मामलों में मुकदमा पुराने कानून के तहत दर्ज हैं। अब जुलाई माह से चोरी की घटनाओं का मुकदमा नई धाराओं में दर्ज होगा।
विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी की बढ़ती घटना और पर्दाफाश न होने की स्थिति में आमजनों को सकते में डाल दिया है। हालांकि लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अभियान त्रिनेत्र चलाया था, जिसके तहत शहर एवं ग्रामीण इलाकों एवं बाजारों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया था, बावजूद चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन की टीम विफल हो चुकी है। चोर सबसे अधिक उन मकानों का निशाना बनाते हैं, जहां कई दिनों से ताला लटका हो और परिवार के लोग कहीं बाहर गए हो। पुलिस वारदातों के खुलासे का दावा करती रह जाती है, लेकिन घटनाओं का पर्दाफाश नहीं हो पाता है।
चोरी का माहवार आंकड़ा
जनवरी माह- छह चोरी घटना
फरवरी माह - दस चोरी घटना
मार्च माह- पांच चोरी घटना
अप्रैल माह- चार चोरी घटना
मई माह- दो चोरी घटना
जून माह- सात चोरी की घटना
जनवरी व अप्रैल में चोरी की वारदातें
गाजीपुर। चोरों ने जनवरी और अप्रैल माह में बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। 23 जनवरी को रेवतीपुर के गोपालपुर गांव में डेढ़ लाख का सामान, 25 जनवरी को करीमुद्दीनपुर के उतरांव मोड़ बाजार के हार्टमनपुर चर्च गेट के पास सात दुकानों का ताला तोड़ एक लाख नकदी पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया था। नौ मार्च को मुहम्मदाबाद के सलेमपुर गांव स्थित किराना थोक विक्रेता के घर से लाखों की चोरी हुई थी। बीते 16 मार्च को खुलासा होने पर आठ लाख से ऊपर नकदी की बरामदगी हुई थी।
चोरी की घटनाओं का खुलासा पुलिस लगातार कर रही है। चोरों को दबोचने और घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में पुलिस को गश्त करने का सख्त निर्देश है।- ओमवीर सिंह, एसपी