गाजीपुर। बीएड पाठ्यक्रम शैक्षिक सत्र 2023-25 में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन बृहस्पतिवार को किया गया। दो पालियों में कराई गई परीक्षा में पहली पाली में 1124 एवं दूसरी पाली में 1119 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने केंद्र पर हो रही परीक्षा का जायजा लिया।
बीएड पाठ्यक्रम शैक्षिक सत्र 2023-25 की संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन आज दो पालियों में किया गया। इसमें 11250 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनके लिए शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 26 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों के काफी पहले ही पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। निर्धारित समय होते ही केंद्रों पर सघन जांच के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया। पहली पाली में नौ से बारह बजे तक हुई परीक्षा में कुल पंजीकृत 11250 में 10126 उपस्थित थे, जबकि 1124 ने छोड़ दी। इसी तरह दिन में दो से पांच बजे तक हुई परीक्षा में 1119 अनुपस्थित रहे, जबकि 10131 उपस्थित थे। इसकी शुचिता बनाए रखने तथा इसे सकुशल संपन्न कराने के लिए 26 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 14 केंद्र प्रतिनिधियों के साथ ही 52 पर्यवेक्षक लगाए गए थे। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंचकर जायजा लिया। कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार नेशनल इंटर कॉलेज में कुल 400 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी जिसमें 50 ने परीक्षा छोड़ दी। एसडीएम अश्विनी पांडेय परीक्षा केंद्र पर लगातार चक्रमण करते रहे। उन्होंने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज के साथ ही नोनहरा थाना क्षेत्र के खालिसपुर इंटर कॉलेज केंद्र पर भी जांच की गई। दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार पीजी काॅलेज भुड़कुड़ा में दो केंद्र बनाए गए थे। केंद्र अ पर कुल 350 परीक्षार्थी पंजीकृत थे जिसमें 35 अनुपस्थित रहे। केंद्र पर अ पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट खंड विकास अधिकारी जखनिया त्रिवेणी राम एवं केंद्र ब पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट उदयकरन सिंह की उपस्थिति में परीक्षा सकुशल संपन्न हुई।
प्रचंड गरमी से हलाकान हुए अभिभावक
गाजीपुर। बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों के सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में परीक्षार्थी दो एवं चार पहिया वाहनों से आए थे। बहुत से छात्रों विशेषकर छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी थे। तेज धूप एवं प्रचंड गरमी के चलते परीक्षा के संपन्न होने तक अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। धूप से बचने के लिए वह इधर-उधर छाया की तलाश करते रहे।