नए शिक्षा सत्र की जोरदार शुरूआत हुई। लक्ष्य से ज्यादा बच्चों के स्कूल में एडिमशन कराकर खूब वाहवाही लूटी गई। बात किताबों की आई तब तक गरमी की छुट्टियों शुरू हो गईं। उसके बाद विद्यालय खुले करीब सवा महीने का समय बीत गया है लेकिन बच्चों के नई किताब का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। जिले को पुस्तकें मिलनी शुरू तो हो गई है लेकिन अभी तक महज कक्षा-चार की दो विषयों की 78 हजार किताबें ही मिली है। जबकि जिले को 21 लाख से ज्यादा किताबों की दरकार है। ऐसे में बच्चे पुरानी किताबों से या बगैर पुस्तकों के ही पढ़ाई करने को विवश हैं। ऐसे में अब सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों को पढ़ाई कैसे रफ्तार पकड़ेगी
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इसके अलावा 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, 12 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, माध्यमिक एवं बेसिक के एडेड सहित कुल 2512 विद्यालयों के लगभग साढ़े तीन लाख बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जानी है। 132 प्रकार की 21 लाख 88 हजार पुस्तकें जिले को उपलब्ध कराई जानी है।
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत अप्रैल महीने में हो गई थी। उस दौरान करीब डेढ़ महीने स्कूल खुले रहे और बच्चों ने बिना नई किताब के पुरानी पुस्तकों से ही पढ़ाई की। इसके बाद गरमी की छुट्टियां हो गई। गरमी की छुट्टियों के बाद बीते सोलह जून को विद्यालय खुल गए। स्कूल खुले सवा महीने का समय बीत गया है लेकिन अभी तक जिले को पूरी पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी है। जबकि विभाग के निर्देश के क्रम में नई किताबों की आपूर्ति के लिए क्रयादेश संबंधित प्रकाशकों को बीते जून माह के मध्य में ही जारी किया जा चुका है। हालांकि अब पुस्तकें मिलना शुरू हो गई है। हाल ही में कक्षा-चार की दो विषयों भाषा एवं गणित की 78 हजार पुस्तकें यहां आई है। विभाग की ओर से भले ही इस माह में किताबें मिल जाने का दावा किया जा रहा है लेकिन बीते वर्ष की तरह इस बार भी बच्चों को किताबें देर से ही मिलने की संभावना नजर आ रही है।
पुस्तकें जिले को मिलनी शुरू हो गई है। आगामी दिनों में और पुस्तकें उपलब्ध हो जाएगी। इनका सत्यापन कराने के बाद जल्द से जल्द बच्चों में इनका वितरण करा दिया जाएगा । - हेमंत राव, बेसिक शिक्षाधिकारी
छह सौ रुपये मिलेगा एस्कार्ट अलाउंस
गाजीपुर। ऐसे दिव्यांग बच्चे जो अपने से विद्यालय नहीं जा पाते हैं उन्हें अभिभावक विद्यालय पहुंचाते हैं ऐसे बच्चों को छह सौ रुपये प्रति माह की दर से एस्कार्ट अलाउंस दिया जाएगा। इसके लिए जिले को 50 बच्चों को यह सौगात दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता ने बताया कि अगले महीने की शुरुआत में इनको चिन्हित करने का कार्य किया जाएगा। यह सुविधा उन बच्चों को दी जाएगी जिनकी माह में औसत उपस्थिति साठ फीसदी या उससे ज्यादा है।