सुहवल। रेवतीपुर थाना क्षेत्र के जग्गीकापुरा गांव के यादव बस्ती में रविवार की देर रात करीब एक बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने से 21 आवासीय झोपड़ियां जलकर राख हो गई और घर-गृहस्थी के सामान नष्ट हो गए। साथ ही पांच बकरियों की झुलसकर मौत हो गई। आग बुझाने के प्रयास में दो लोग झुलस गए, जिनका प्राथमिक उपचार रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया गया।
जग्गीकापुरा गांव के यादव बस्ती में लोग सोए थे। इसी दौरान झोपड़ी भरने से धुएं से उनकी नींद टूट गई। जब-तक लोग कुछ समझ पाते झोपड़ियों से आग की लपटें निकलने लगी। शोर मचाने पर ग्रामीण घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़े और काबू पाने का प्रयास करने लगे। तब-तक अगलगी की घटना में सबकुछ जलकर नष्ट हो गया।
आग से छन्नू, शारदा, सुभाष, रामजी, भगमानी देवी, लालू, संजय, श्रीवल, राजकुमार, उपेंद्र, नागेंद्र, योगेन्द्र, फुल्लन, धर्मेंद्र, कृष्णानंद, अशोक, सुनील, रामाशंकर, राजेश की एक- एक आवासीय झोपड़ी जलकर नष्ट हो गई। जबकि मुन्नी देवी की एक आवासीय झोपड़ी जलने के साथ ही तीन बकरियों की भी झुलसकर मौत हो गई। जबकि आशा की एक आवासीय झोपड़ी जलने के साथ ही दो बकरियों की झुलसकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित राजेश की बहन, रामाशंकर और छन्नू की शादी तय थी। शादी की तैयारियों के लिए रखा समान भी खाक में मिल गया। । वहीं आग की चपेट में आने से राजेश और संदीप मामूली रूप से झुलस गए। इन्हें उपचार के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया।
थानाध्यक्ष प्रशांत चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अग्निशमन दस्ते को दी गई। सूचना के करीब दो घंटे बाद दमकल की गाड़ी पहुंची, लेकिन तब तक लोगों का आशियाना जलकर नष्ट हो चुका था। घटना के दूसरे दिन सुबह एसडीएम सेवराई राजेश प्रसाद चौरसिया, राजस्व निरीक्षक राकेश राय, लेखपाल अरविंद राज मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन करने के साथ रिपोर्ट तैयार की। सेवराई एसडीएम राजेश प्रसाद चौरसिया ने बताया कि अगलगी की सूचना मिली थी। सभी 21 पीड़ितों को आर्थिक सहायता के अलावा आवास दिलाने का प्रयास किया जाएगा।