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बाल अधिकार संरक्षण कानून के बारे में बताया

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मुहम्मदाबाद। पूर्वांचल ग्रामीण विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुहम्मदाबाद के सभागार में बाल अधिकार संरक्षण कानून के अंतर्गत बाल यौन शोषण चाइल्ड सेक्सुअल ऐब्यूज विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें बाल अधिकार संरक्षण कानून के बारे में बताया गया। मुख्य अतिथि खंड शिक्षाधिकारी मुहम्मदाबाद राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बाल शोषण दुर्व्यवहार का एक रूप है। इस पर अक्सर जानकारी के अभाव में चर्चा नहीं की जाती है। शोषण शारीरिक दुर्व्यवहार तक सीमित नहीं है। फोटो खींचना, नग्न तस्वीर का वीडियो साझा करना एवं बच्चों के प्राइवेट अंगों को स्पर्श करना भी यौन शोषण का रूप है। इसलिए किसी भी बच्चे के साथ इस तरह की घटना स्कूल या अन्य प्राइवेट जगहों पर होती है तो नि:संकोच बच्चों को इसकी जानकारी अध्यापक, माता, पिता या पुलिस को देनी चाहिए। संस्थान के निदेशक कपिलदेव केशरी ने कार्यशाला में भाग ले रहे सभी लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि जिस प्रकार सभी व्यक्ति को कानूनी अधिकार मिला हुआ है। उसी प्रकार बच्चों को भी पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा के लिए कानून बना है। उन्होंने कहा कि बाल शोषण का शिकार हुए बच्चे बाल अधिकार संरक्षण कानून 34 तथा पाक्सो एक्ट के तहत न्यायिक समाधान प्राप्त कर सकते हैं। जितेंद्र प्रसेन सिंह ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण कानून की जानकारी अध्यापकों एवं अभिभावकों को होनी चाहिए। उन्होंने बच्चों के अधिकार एवं सुरक्षा पर कार्य करने के लिए संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि भयमुक्त होकर शिक्षा ग्रहण करना हर बच्चे का कानूनी अधिकार है। इस अवसर पर जयप्रकाश प्रजापति, विकास कुमार, कुतुबुद्दीन अहमद, अखिलेश कुमार, रशीदा बानो, नीरज यादव, अमित राज, सोनू कुमार आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन खान अहमद जावेद ने किया।
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