मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट स्वप्न आनंद की अदालत ने मंगलवार को मारपीट के मामले में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और उनके पुत्र सहित 16 लोगों को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 10 मई 2022 को विश्वकर्मा सिंह ने करीमुद्दीनपुर थाने में तहरीर दी थी कि उनके भतीजे बृजेश सिंह और विवेक सिंह बाइक से चितबड़ागांव बाजार जा रहे थे। रास्ते में ओमप्रकाश राजभर ने अपने पुत्र अरुण राजभर एवं अरविंद राजभर, अजित राजभर, अभिषेक बिंद उर्फ मधुसूदन, संजीव बिंद, अजित बिंद, मुन्ना राजभर उर्फ नारायन, शक्ति सिंह, अमजद, फिरोज अंसारी, बिहारी राजभर, राधेश्याम राजभर, शैलेंद्र राजभर, राजनेत राजभर व महेंद्र चौहान के साथ सड़क जाम कर दी थी। बृजेश सिंह और विवेक सिंह ने गाड़ियों को किनारे करने और जाने के लिए रास्ता मांगा। इसी पर सभी गालीगलौज करते हुए मारने-पीटने लगे। वादी सूचना पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने विवेचना के बाद सभी लोगों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से दो गवाह पेश किए गए। दोनों गवाह मुकर गए। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। वहीं क्रॉस केस में विश्वकर्मा सिंह, खड़क सिंह व उनके पुत्र विवेक सिंह, बृजेश सिंह, धुर्व सिंह, रामबहादुर सिंह, चंदन सिंह, अवधेश सिंह, सत्यदेव सिंह, संजीत सिंह, हिमांशु सिंह, प्रिंश सिंह, बिट्टू सिंह, मंजीत सिंह और अभिषेक सिंह को भी दोषमुक्त कर दिया गया।