गाजीपुर। स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लगाए गए बेरोजगार मेले का पहला दिन दुर्व्यवस्था की भेंट चढ़ गया। शनिवार को मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फीता काटकर किया। इस बीच एकाएक पंडाल में भीड़ बढ़ गई। पंजीकरण न होने और व्यवस्था से नाराज युवा उनके भाषण के दौरान हूटिंग करते रहे। कुर्सियां उछाली गईं और गमछे फेंके गए। आला अफसर फेंके जा रहे गमछों को हवा में पकड़ने के लिए दौड़ने लगे। सभा में बढ़ रही अराजकता को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से सभा को संक्षिप्त कर दिया गया। सीएम के जाते ही अभ्यर्थियों का उपद्रव और तेज हो गया। नारेबाजी और दुर्व्यवस्था का विरोध करते हुए कई कंपनियों के स्टालों पर तोड़फोड़ की गई। परिसर में कुछ युवकों ने ईंट-पत्थर भी फेंके। भगदड़ के दौरान कई लोग मामूली रूप से चुटहिल हो गए। हो-हल्ला और उपद्रव के बीच किसी तरह तीन दिवसीय रोजगार मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया और वहां से कुछ ही देर में चले गए। इस दौरान शरारतीतत्वों ने कुर्सियां तोड़ी और उछाली, कुर्सी पर लगे कपड़े और गमछे फेंके। कंपनियों के रजिस्ट्रेशन काउंटरों को तोड़ा और ग्राउंड में ईंट-पत्थर फेंके। लाभार्थी उपद्रव करते हुए नारेबाजी करते रहे। भगदड़ के बीच अभ्यर्थी किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। कई महिलाएं चुटहिल होकर रोती रहीं। पानी के गैलन निकाल कर फुटबाल की तरह युवा किक मारने लगे। कंपनियों के कर्मचारी उपद्रव देख इधर-उधर भागने लगे। पूरे परिसर में अराजकता फैल गई। चयन की सारी प्रक्रिया बंद हो गई। बाद में अभ्यर्थी वापस घर चले गए। मेले में पंजीकरण की सही व्यवस्था न होने से ही मामला बिगड़ गया। आने-वाले छात्रों को क्या करना है, यह कोई बताने वाला नहीं था। अधिकतर को फार्म नहीं मिले थे, जिससे उनमें असंतोष फैलने लगा। सबसे दयनीय दशा महिलाओं की थी। वह काउंटर तक पहुंच ही नहीं पा रही थी। भगदड़ के दौरान इधर-उधर भाग रही थी। दीवारों के पास और पेड़ों के पास झुंड में खड़ी होकर भीड़ कम होने का इंतजार कर रही थीं।