-शासन स्तर से धनराशि कराई गई उपलब्ध, खंड शिक्षाधिकारियों से मांगी गई कार्य योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद के 328 परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदल जाएगी। इसके लिए 12.85 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन विद्यालयों के कायाकल्प कराने के लिए शासन ने धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। इससे चहारदीवारी, बालक-बालिका शौचालय, विद्युतीकरण और वृहद एवं लघु मरम्मत का कार्य कराकर इन स्कूलों की काया सुधारी जाएगी। इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया है।
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट स्कूल हैं। प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। इसके साथ ही इन स्कूलों की सूरत संवारने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। लेकिन, बहुत से विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं है या टूटी है।
इसके साथ ही बालक-बालिका शौचालय एवं वृहद और लघु मरम्मत आदि का कार्य कराने के लिए शासन की ओर से 12 करोड़ 85 लाख 35 हजार 590 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इससे 328 विद्यालयों में इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। यह धनराशि आने के बाद खंड शिक्षाधिकारियों ने कार्य जल्द शुरू कराने की तैयारी तेज कर दी है। मालूम हो कि ऑपरेशन कायाकल्प में अलग से स्कूलों में विकास कार्य चल रहे हैं।
228 विद्यालयों में बनेगी चहारदीवारी
जिले के 228 विद्यालयों की चहारदीवारी का निर्माण होगा। इसमें 172 प्राथमिक, 56 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाना शामिल है। इसी तरह 71 प्राथमिक एवं छह उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालकों तथा 70 प्राथमिक एवं पांच उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालिका शौचालय की काया सुधारी जाएगी। 125 प्राथमिक एवं 27 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पंखा, तार एवं एलईडी आदि लगाई जाएगी।
ऐसे खर्च होगी धनराशि
-10 करोड़ 77 लाख छह हजार से चहारदीवारी निर्माण
-एक-एक लाख की लागत से 77 बालक एवं 75 में बालिका शौचालय का निर्माण
-152 विद्यालयों में 49.74 लाख रुपये से विद्युतीकरण
-75.85 लाख से अधिक की धनराशि से वृहद एवं लघु मरम्मत के कार्य।
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स्कूलों में विकास कार्य कराने के लिए धनराशि मिल गई है। स्कूलों में इस इस राशि से विभिन्न कार्य होंगे। शासन की गाइड लाइन के अनुसार स्कूलों में सभी कार्य कराए जाएंगे। जल्द स्कूलों में कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
-हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।