मरदह। विकास खंड मुख्यालय के पास स्थित जल निगम का ट्रांसफार्मर चार दिनों से फुंका हुआ है। इससे आधा दर्जन गांव के 600 घरों में जलापूर्ति बाधित है। कड़ाके की ठंड के मौसम में भी लोगों को पानी के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। हैंडपंपों और कुओं से थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर लोग किसी तरह से काम चलाने के लिए विवश है। ट्रांसफार्मर न बदलने से लोगों में विभाग के प्रति रोष गहराता जा रहा है। इस लापरवाही को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर दिख सकता है। मरदह, पड़िता, नोनरा, कंसहरी, भवानीपुर, कबीरपुर, नरवर, महेगवा गांव के लगभग 6 सौ उपभोक्ताओं के घरों में पानी की सप्लाई के लिए विकास खंड मुख्यालय के बगल में जलनिगम की टंकी का निर्माण कराया गया है। टंकी में पानी चढ़ाने के लिए यहीं पर पंप लगाया गया है। जिस 25 केवी के ट्रांसफार्मर से पंप चलता है, वह ट्रांसफार्मर चार दिन पहले जल गया। इससे पंप बंद पड़ा है और टंकी में पानी न चढ़ पाने की वजह से लोगों के घरों में भी पानी की सप्लाई नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम की कौन कहे, सर्दी के मौसम में भी लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोग घरों के आसपास स्थित हैंडपंपों और कुओं से थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर काम चलाने को विवश हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह ट्रांसफार्मर सिर्फ जलनिगम का पंप चलाने के लिए लगाया गया है। लेकिन विद्युत विभाग ने इसी ट्रांसफार्मर से अन्य लोगों को भी कनेक्शन दे रखा है। इसकी वजह से लोड अधिक होने से यह ट्रांसफार्मर जला है। ओवरलोडिंग की वजह से पहले भी इस ट्रांसफार्मर में फाल्ट होता रहा है और पेयजल आपूर्ति का संकट लोगों को झेलना पड़ा है। लोगों ने चेतावनी दिया कि यदि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर को बदला नहीं गया तो वह सड़क पर उतरने के विवश होंगे। इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई नीरज सोनी ने बताया कि जले ट्रांसफार्मर को बदलने की प्रक्रिया जारी है। जल्द की ट्रांसफार्मर को बदलवाकर सप्लाई सुचारु करा दी जाएगी।