गाजीपुर। मरदह विकास खंड के गोविंदपुर (कीरत) गांव में एक व्यक्ति द्वारा दूसरे का हस्ताक्षर कर एक बिस्वा जमीन रजिस्ट्री करने का मामला प्रकाश में आया है। उक्त जमीन अकबाली उर्फ एकबाली यादव की थी। जिसे उसके छोटे भाई निद्धू यादव ने बड़े भाई का फर्जी हस्ताक्षर कर पड़ोसी गांव बरहीं के एक दबंग व्यक्ति की मां को रजिस्ट्री कर दी है। उक्त रजिस्ट्री 01 जून 2006 को की गई है। रजिस्ट्री के बाद भूमि पर कई सालों से दबंग का कब्जा भी है। इलाके के गोविंदपुर कीरत गांव निवासी अकबाली यादव अपने पूरे परिवार के साथ सोनीपत में रहता है। घर तथा जमीन की देखभाल छोटे भाई निद्धू के जिम्मे था। भूमि को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने की जानकारी अकबाली के परिवार को तब हुई जब उनकी जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग-29 में अधिग्रहित की जाने लगी और इसका नोटिस उनके पास आया। जमीन कम होने पर इसकी तहकीकात की तो पता चला कि उनके नाम से जमीन किसी और को रजिस्ट्री की जा चुकी है। अकबाली तथा उसका छोटा भाई निद्धू की भूमि अराजी नंबर 738 है। जिसका नया नंबर 1513 है, यह ग्राम बरहीं में स्थित है। अकबाली के भाई निद्धू ने अपना हिस्से की जमीन कई साल पहले नेशा बेगम पत्नी मुहम्मद बेगम निवासी बरहीं तथा रामजनम पुत्र प्रहलाद निवासी ढ़ोढाडीह के हक में बैनामा कर दिया। हम प्रार्थी अकबाली के हक और हिस्से को एक साजिश के तहत दूसरे को रजिस्ट्री की गई है। मेरी भूमि को मेरे भाई ने मेरा फर्जी हस्ताक्षर तथा अपना फोटो लगाकर दूसरे को रजिस्ट्री कर दिया है। जमीन लेने वाला व्यक्ति भी हम दोनों भाईयों को अच्छी तरह जानता और पहचानता है। इस संबंध में पीड़ित अकबाली ने मरदह थाना सहित उच्चाधिकारियों के यहां आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित न्याय के लिए महीनों से चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं किया है। अकबाली ने बताया कि मेरा भाई एक जून 2006 को ही मेरी जमीन दूसरे के नाम रजिस्ट्री कर चुका था। मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। एनएच-29 में मेरी जमीन जाने के बाद इसकी नोटिस मेरे पास आई। नोटिस मिलने के बाद जब जमीन का पता लगाया गया, तो जमीन काफी कम थी। फिर और जमीन की छानबीन की गई तो छोटे भाई द्वारा धोखे से लिखे जाने का मामला प्रकाश में आया। इस प्रकरण में पीड़ित परिवार ने आला अफसरों से न्याय की गुहार की है।