बहादुरगंज। कासिमाबाद विकासखंड के महुवारी खास में शनिवार को एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार प्रमोद कुमार ने पंचायत भवन और प्राथमिक विद्यालय पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनी। साथ ही दर्जनों कार्डधारकों ने खाद्यन्न वितरण में अनियमितता के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया। ग्राम प्रधान निर्मला चौहान ने बताया कि जुलाई 2016 में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने कोटेदार के खिलाफ तहसील परिसर में धरना दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा ने नायब तहसीलदार वीरेंद्र गुप्ता से जांच कराया था। जांच के दौरान वितरण में अनियमितता पाए जाने पर कोटेदार रामपती राम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकान को निलंबित कर दिया। लगभग 6 माह बाद बीते जनवरी वर्ष 2017 में कोटेदार ने पुन: न्यायालय उपायुक्त खाद्य वाराणसी मंडल में दुकान को बहाल करने की गुहार लगाई। कुछ कमियों को देखते हुए उपायुक्त खाद्य वाराणसी मंडल ने पुन: जांच के लिए उपजिलाधिकारी कासिमाबाद को दिया। बीते अप्रैल वर्ष 2017 को कोटेदार को निर्देश दिया गया कि साक्ष्य एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करें। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय मिली भगत से कोटेदार ने दुकान बहाल करा लिया, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं दिया गया। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग किया कि निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाई की जाए। इस मौके पर मुख्य रूप से हलका लेखपाल लालू राम, प्रधान प्रतिनिधि राजभुवन चौहान, वीर बहादुर चौहान, बृजवासी, रामसरीख, महेंद्र राजभर, श्रीनाथ चौहान, अमरेश पाल, आरती देवी, तिजिया देवी, सीमा चौहान, महाराजी देवी आदि मौजूद रही।