मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। लौवाडीह में आयोजित संगीतमय रामकथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक वाचस्पति यमुना प्रसाद ओझा ने कहा कि रामकथा के श्रवण से जीवन सुधरता है। कथा श्रवण ही एक मात्र मानव जीवन का सुगम साधन है, जिससे सभी जीवन व्यथा समाप्त हो जाती है। राम कथा सपत्नीक सुननी चाहिए। आशुतोष भगवान शिवजी माता सती को साथ लेकर कैलाश से नासिक में चल रहे कुंभ मेले में रामकथा श्रवणार्थ पहुंच जाते हैं तो जब भगवान रामकथा सुनने इतनी दूर चले जाते हैं तब मनुष्य को तो इस भवसागर को पार करने के लिए कितनी भी दूर क्यों न जाना पड़े अवश्य जाना चाहिए। कथा श्रवण में मन चित्र एकाग्र होना चाहिए। इस अवसर पर जनकदेव राय, मनोज राय, आशुतोष राय, अंकित राय, विकास राय, विशाल राय, सतीश राय, संजय राय, पारसनाथ पांडेय आदि उपस्थित थे।