फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी विद्यालयों के खिलाफ अभिभावकों ने चढ़ाई आस्तीन

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। निजी विद्यालयों द्वारा प्रवेश शुल्क, नियम विरूद्ध शुल्क वृद्घि के साथ निजी प्रकाशनों की पुस्तकें पाठ्यक्रमों में शामिल करने जैसे तमाम मामलों को लेकर अभिभावक संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों ने अपनी आस्तीन चढ़ा ली है। मंगलवार को संघ के जिलाध्यक्ष मारूति राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को बताया कि जिले के निजी विद्यालयों की ओर से प्रतिवर्ष नियम विरूद्ध तरीके से विभिन्न मदों में शुल्क वृद्घि की जाती है। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पाठ्यक्रम में शामिल करने और अनियमित शिक्षक एवं छात्र अनुपात सहित विभिन्न विषयों पर पूर्व जिलाधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत कर चुुके है। इस संबंध में पूर्व सीडीओ की अध्यक्षता में अभिभावक-प्रबंधक की बैठक में चर्चा के बाद यह तय हुआ था कि निजी विद्यालयों में अगले सत्रों से एनसीईआरटी की पुस्तकें पाठयक्रम में शामिल होंगी और प्रवेश शुल्क आदि मदों में प्रतिवर्ष शुल्क नहीं बढ़ेंगे लेकिन इस वर्ष भी कई विद्यालयों द्वारा पुन: शुल्क वृद्घि किये जाने और निजी प्रकाशनों की पुस्तकें ही पाठयक्रम में शमिल करने के साथ ही एक ही कक्षा में पूर्ववत अत्यधिक बच्चों का नियम विरूद्घ तरीके से प्रवेश लेना प्रारंभ कर दिया गया है। निजी विद्यालयों के इस कार्य से अभिभावक संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है। अगर निजी विद्यालयों द्वारा इस पर रोक नहीं लगाई गई तो संघ को धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम के बालाजी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देश दिया कि तत्काल इस प्रकरण पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए। इस मौके पर श्याम चौधरी, मोंटी, आकाशदीप, समीर राय, कृष्णकांत राय, मधुर, संतोष उपाध्याय, राम नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें