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Ghazipur News: अल्ट्रासाउंड के लिए 100 मरीज कतार में, 30 की हो रही जांच, बाकी को महीने भर का इंतजार

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गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना आसान नहीं है। मरीजों की करीब एक महीने का इंतजार करना पड़ रहा है। एक मरीज को करीब 25 से 30 दिन का डेट मिल रही है। स्थिति यह है कि रोज 100 में से करीब 30 ही मरीजों की ही जांच हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए निजी केंद्रों के तरफ रूख करना पड़ रहा है, जहां 500 से लेकर 800 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है।
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शहर एवं ग्रामीण इलाकों के अलावा सटे गैर जनपद और प्रांत के भी मरीज उपचार के लिए ओपीडी पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन यहां की ओपीडी 2500 के आस-पास है। इसमें पेट संबंधित बीमारियों के करीब 100 से 150 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं, जिसमें 100 मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराने केंद्र पर पहुंच रहे हैं। जब मरीज अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंच रहे तो उन्हें 25 से 30 दिन बाद का डेट पर्ची पर डालकर घर भेज दिया जा रहा है। ऐसे में उनके सामने उपचार की समस्या खड़ी हो जा रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी उपचार के लिए लंबे समय का इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी वेटिंग की विवशता में तत्काल उपचार के लिए मरीजों निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें आर्थिक दंश का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से इस समस्या के निस्तारण के लिए ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
रेडियोलॉजिस्ट के दो पद हैं, लेकिन लंबे समय से एक पद खाली चल रहा है। कई बार शासन को पत्र लिखा गया, बावजूद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी। ऐसे में एक रेडियोलॉजिस्ट प्रत्येक 30 से 40 लोगों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। जबकि प्रतिदिन 100 मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में मरीजों को लंबे समय का इंतजार करना पड़ रहा है।- प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज।
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अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एक से दो माह की तिथि निर्धारित की जा रही है। ऐसे में निजी केंद्रों के सहारे के अलावा कोई उपाय नहीं है।- आशीष राय, रेवतीपुर
ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई, जब वहां पहुंचा तो वहां नवंबर माह के अंतिम सप्ताह की तिथि दे दी गई। ऐसे में मरीज तत्काल उपचार कैसे कराए, समझ से परे हैं।- अमरजीत, शेरपुर दीनापुर
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 10 अक्टूबर का समय लिखकर पर्ची दे दी गई। ऐसे में अगर तत्काल उपचार कराना है तो निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र का ही सहारा लेना पड़ेगा।- रंजीत राजभर, मरदह
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घर के एक सदस्य का अल्ट्रासाउंड कराने आए थे, तो दो माह बाद का डेट मिल रहा था। उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने पर अल्ट्रासाउंड हो सका है।- हीरा, बिरनो
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