जय बम भोले, हर-हर महादेव, भोले बाबा की जय से शहर के शिवालय गूंज उठे। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर, नेहरूनगर स्थित शिव मंदिर, स्वयंभू शिव मंदिर, संजयनगर सेक्टर-23 स्थित हनुमान मंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक किया।
महाशिवरात्रि पर तुराबनगर से शिव बरात निकाली गई। दूधेश्वरनाथ मंदिर में सोमवार को पांच लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया। रविवार की रात से भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी जो सोमवार देर शाम तक लगी रही।
भक्तों की कतार घंटाघर तक लगी रही, जो रात्रि 12 बजे तक कम हुई। रविवार को देर रात शिव बारात और शिव विवाह का आयोजन हुआ। इसके बाद भोले बाबा के जलाभिषेक के साथ भक्तों के लिए पट खोल दिया गया।
शाम को भगवान शिव को 156 प्रकार के प्रसाद का भोग लगाया गया और महाआरती की गई। महंत नारायण गिरि ने कहा कि भगवान शिव का एक नाम आशुतोष भी है जिसका अर्थ होता है शीघ्र प्रसन्न और संतुष्ट होने वाले, इस लिए जो भी श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा करते हैं तो भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न हो जाते है।