पुलिस ने 25 फरवरी को टीला शहबाजपुर गांव के प्रधान के तीन नौकरों को गिरफ्तार कर कबाड़ी आसिफ हत्याकांड का खुलासा किया है। उसकी गला रेत कर हत्या की गई थी। शव 28 फरवरी को भारत सिटी के पीछे गड्ढों में मिला था। नौकरों ने प्रधान के घर से कीमती सामान चोरी कर आसिफ को बेच दिया था। तीनों को डर था कि आसिफ प्रधान को बेचे गए माल के बारे में बता देगा। चोरी का भेद खुलने के डर से उन्होंने कबाड़ी की हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों नौकरों को जेल भेज दिया है।
एसपी ग्रामीण राकेश पांडे ने बताया कि 25 फरवरी को पप्पू कालोनी निवासी आसिफ (18) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 28 फरवरी को भारत सिटी अपार्टमेंट के पीछे गड्ढों में उसका शव बरामद हुआ था। जांच के दौरान आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने उसे आखिरी बार टीला शहबाजपुर गांव में पूर्व प्रधान के घर के पास देखा था। घटना के बाद से पूर्व प्रधान का एक नौकर लव निवासी हाथरस लापता हो गया था।
पुलिस ने शक के आधार पर नौकर के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि लव और दो अन्य नौकर सचिन निवासी बागपत और अनिल निवासी जींद हरियाणा ने 24 फरवरी को प्रधान के घर से सामान चोरी कर आसिफ को बेचा था। तीनों नौकरों को डर था कि आसिफ कभी न कभी प्रधान को इस सामान के बारे में बता देगा। जिसके बाद तीनों को जेल जाना पड़ सकता है। इसके बाद तीनों ने आसिफ को और सामान बेचने का लालच देकर प्रधान के घर बुलाया।
घर पर चाकू से गला रेतकर हत्या की। इसके बाद शव को ठेली में ले जाकर भारत सिटी के पास अंबेडकर कालोनी के गड्ढों में फेंक दिया। इसके बाद नौकर लव अपने गांव जाकर छिप गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आला कत्ल प्रधान के घर से बरामद कर लिया है।
पहले घर के पीछे खेत में ही दफनाया, बाद में गड्ढों में फेंका शव
हत्या के बाद तीनों ने मिलकर आसिफ के शव को प्रधान के घर के पीछे बने खेत में दफना दिया था। हालांकि बदबू आने के डर से बाद में शव निकालकर गड्ढों में फेंक आए।
प्रधान ने पंचायत कर स्वयं को बताया निर्दोष
मंगलवार सुबह नौ बजे टीला शहबाजपुर गांव के पूर्व प्रधान राजेश मावी ने अपने घर पंचायत आयोजित की। वहां मौजूद लोगों को उसने बताया कि घटना के समय वह नव निर्वाचित प्रधान पर जानलेवा हमले के आरोप में जेल गया हुआ था। हत्या के मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। घटना को नौकरों ने अंजाम दिया है।