शनिवार को कलक्ट्रेट बैठक में मौजूद स्कूल संचालक।
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शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में स्कूल संचालकों की बैठक में स्कूली वाहनों को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए। स्कूल संचालकों को निर्देशित गया कि विद्यालय में आने वाले प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित घर तक भेजने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की है, इसमें जरा भी चूक होगी तो स्कूल नहीं चल पाएगा।
डीएम के निर्देश पर बुलाई बैठक में पहुंचे एआरटीओ, डीआईओएस ने सभी स्कूल प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों तथा वाहन मालिकों को निर्देश दिए कि वह स्कूली छात्र-छात्राओं को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में परिवहन सुविधा देने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।
छात्र- छात्राओं, अभिभावकों, वाहन चालक मालिकों तथा अन्य सामान्य नागरिकों को सड़क सुरक्षा के संबंध में जागरूक करने के साथ ही बच्चों को घर ले जाने व आने के संबंध में परिवहन आयुक्त द्वारा दिए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेम प्रकाश मौर्य ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों को लाने और ले जाने वाले वाहन उच्चतम न्यायालय के निर्धारित मानक के अंतर्गत हो। यदि अभिभावक के व्यक्तिगत वाहन हैं तो वाहन स्वामी का आधार कार्ड व बच्चे से उनके संबंध में एक शपथ पत्र भी वाहन में रखना होगा। इसकी समय- समय पर जांच के लिए भी उपलब्ध कराना होगा।
इस आशय का विद्यालय द्वारा स्वयं घोषणापत्र देना होगा। स्कूल प्रबंधक वाहन स्वामी को स्पष्ट रूप से बताएगा कि स्कूली बच्चों को कैसे व सुरक्षित उसके गंतव्य तक लेकर आएं व जाएं।